दोस्तों के नाम आज की शाम
तेरी नजरों ने काम कर दिया,
गुमनाम सरेआम कर दिया।
इक बार पिला के फेरी आंखें,
रस अंगूरी मेरे नाम कर दिया।
तेरी इन बावफा यादों ने तो,
मेरा जीना ही हराम कर दिया।
ठोकर खा कर हम सम्भले है,
उनको दूर से सलाम कर दिया।
ये सोच हम तसल्ली कर लेते,
नाम है चाहे बदनाम कर दिया।
पैसे की इस बढ़ती भूख ने "रैना"
रिश्ते नाते को तमाम कर दिया। राजेन्द्र रैना गुमनाम"
तेरी नजरों ने काम कर दिया,
गुमनाम सरेआम कर दिया।
इक बार पिला के फेरी आंखें,
रस अंगूरी मेरे नाम कर दिया।
तेरी इन बावफा यादों ने तो,
मेरा जीना ही हराम कर दिया।
ठोकर खा कर हम सम्भले है,
उनको दूर से सलाम कर दिया।
ये सोच हम तसल्ली कर लेते,
नाम है चाहे बदनाम कर दिया।
पैसे की इस बढ़ती भूख ने "रैना"
रिश्ते नाते को तमाम कर दिया। राजेन्द्र रैना गुमनाम"