दोस्तों जरूर पढ़े
जो भी नशे से दूर होता है,
वो न कभी मजबूर होता है।
जिसका कर्म फ़क़त सेवा,
वो सरे शहर मशहूर होता है।
एक दिन वो टूट ही जाता,
अभिमानी जो मगरूर होता है।
जिस्म मिट्टी मिट्टी में मिले,
कुछ को फिर भी फितूर होता है।
वो हर किसी का हिसाब लिखता,
रैना" इनता तो जरूर होता है। रैना"
जो भी नशे से दूर होता है,
वो न कभी मजबूर होता है।
जिसका कर्म फ़क़त सेवा,
वो सरे शहर मशहूर होता है।
एक दिन वो टूट ही जाता,
अभिमानी जो मगरूर होता है।
जिस्म मिट्टी मिट्टी में मिले,
कुछ को फिर भी फितूर होता है।
वो हर किसी का हिसाब लिखता,
रैना" इनता तो जरूर होता है। रैना"
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