मंगलवार, 5 मई 2015

मेरी माँ अपने भक्तों को चरणों से लगा लेना,
माँ इक तेरा सहारा है तू गिरते को उठा लेना,
बड़ी ही दूर मंजिल है रास्ते भी बड़े ही मुश्किल
माँ वैष्णो कर देना कृपा भटकन से बचा लेना। रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ


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