आओ माँ से विनती करे
तेरे इशारे के बिना माँ इक पत्ता भी हिलता नही,
कली भी मुस्कराती नही फूल भी खिलता नही।
फिर मैं कैसे तेरी मर्जी के बिना काम कोई कर लूं गा,
दुःख दर्दों से छुटकारा पा खुशियों से झोली भर लूं गा।
मैंने हंसना या रोना है,
माँ तेरी मर्जी से होना है।
दर आये मनवा प्यासा लिये,
सिर्फ दर्शन की अभिलाषा लिये।
अब अर्जी मेरी स्वीकार करो,
अपने बच्चों से माँ प्यार करो,
प्यार करो माँ प्यार करो,
भव से मुझको पार करो।
माँ वैष्णो हम को प्यार करो ------रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ
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