दुनिया की फितरत अब जान ली मैंने,
पर्दे के पीछे की सूरत पहचान ली मैंने,
गर यूं उलझे फिर कुछ हासिल न होगा,
तभी उससे दिल लगाने की ठान ली मैंने। रैना"
पर्दे के पीछे की सूरत पहचान ली मैंने,
गर यूं उलझे फिर कुछ हासिल न होगा,
तभी उससे दिल लगाने की ठान ली मैंने। रैना"
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