रविवार, 3 मई 2015

मेरा मन है मईया प्यासा,
तेरे दर्शन की अभिलाषा,
ये अर्ज है हमारी,माँ कर के शेर सवारी,
मेरी इच्छा पूरी करदो,आ जाओ एक बारी।
आ जाओ एक बारी -----------------
फैला है घना अन्धेरा,कहीं दूर बसा सवेरा,
मन दुखी परेशान बहुत,हमको गम ने घेरा,
यहां कोई संगी न साथी, माँ विनती सुनो हमारी।
आ जाओ एक बारी --------------रैना"
सुप्रभात जी --------------जय जय माँ 

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