आया जलजला मची तबाही,
मदद को सारी दुनिया आयी।
लेकिन मेरा तो हाल न पूछा,
दिल ज़ख्मी महले ख्वाब टूटा।
गम नही ये अफ़सोस है मुझको,
गले लगा के अपने ने है लूटा।
चाल अपनी वक़्त ने चली होगी,
आसमां से तभी सितारा टूटा।
मौत तो इक अटल सच्चाई है,
जी के जाना जीवन कोरा झूठा।
किसी की खता कसूर नही कोई,
रैना" से उसका मुकद्दर है रूठा। रैना"
मदद को सारी दुनिया आयी।
लेकिन मेरा तो हाल न पूछा,
दिल ज़ख्मी महले ख्वाब टूटा।
गम नही ये अफ़सोस है मुझको,
गले लगा के अपने ने है लूटा।
चाल अपनी वक़्त ने चली होगी,
आसमां से तभी सितारा टूटा।
मौत तो इक अटल सच्चाई है,
जी के जाना जीवन कोरा झूठा।
किसी की खता कसूर नही कोई,
रैना" से उसका मुकद्दर है रूठा। रैना"
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