दोस्तों एक बार जरूर पढ़ना गुजारिश है
होगे सब जल्दी में किसी को रंजो गम न फ़िक्र होगा,
विदा करने वाले कितने थे महफ़िल में यही जिक्र होगा,
अच्छा था या बुरा रैना" लोग इसी से हिसाब लगायेगे,
मतलब के हिसाब से ही मेरी अर्थी पे फूल चढ़ायेंगे।
उन फूलों का जिक्र होता है जो महकाते गुलशन को,
काम कोई ऐसा कर रैना" तू चले तो दुःख हो दुश्मन को।
दुश्मन बनाना आसां बहुत पर दोस्त बनाना मुश्किल है,
गर दोस्त कोई बन जाये फिर दोस्ती निभाना मुश्किल है।
जीना मुश्किल मरना मुश्किल,मुश्किल दुनियादारी है,
मत कर मोहब्बत की बातें हर कोई यहां व्यापारी है। रैना"
होगे सब जल्दी में किसी को रंजो गम न फ़िक्र होगा,
विदा करने वाले कितने थे महफ़िल में यही जिक्र होगा,
अच्छा था या बुरा रैना" लोग इसी से हिसाब लगायेगे,
मतलब के हिसाब से ही मेरी अर्थी पे फूल चढ़ायेंगे।
उन फूलों का जिक्र होता है जो महकाते गुलशन को,
काम कोई ऐसा कर रैना" तू चले तो दुःख हो दुश्मन को।
दुश्मन बनाना आसां बहुत पर दोस्त बनाना मुश्किल है,
गर दोस्त कोई बन जाये फिर दोस्ती निभाना मुश्किल है।
जीना मुश्किल मरना मुश्किल,मुश्किल दुनियादारी है,
मत कर मोहब्बत की बातें हर कोई यहां व्यापारी है। रैना"
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