मन में जज्बा ए कामयाबी होना चाहिये,
फिर तो मंजिल खुद सिर झुका लेती है। रैना"
तू अपनी उम्मीदों को जवान रख,
वक़्त का क्या बदल जाया करता है। रैना"
फिर तो मंजिल खुद सिर झुका लेती है। रैना"
तू अपनी उम्मीदों को जवान रख,
वक़्त का क्या बदल जाया करता है। रैना"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें