सोमवार, 28 नवंबर 2011

teri murli ki mithhthhi tan

तेरी मुरली की मिठ्ठी मिठ्ठी तान,
काना मोहे अच्छी लागे,
जाऊ वारी वारी मैं तो कुर्बान,
 काना मोहे अच्छी लागे.
कन्हैया मोहे अच्छी लागे...................तेरी मुरली की ........
तेरी मुरली की धुन जब बाजे,
नाचे मेरा अंग अंग रूह मेरी नाचे,
हुई भवंरी मैं  जग ये हैरान.

काना मोहे अच्छी लागे.
कन्हैया मोहे अच्छी लागे.................तेरी मुरली की ........
"रैना" कहे काना इक बार फिर आ जा रे,
मिठ्ठी मिठ्ठी प्यारी मुरली सुना जा रे,
आके धर्म की रख ले आन.

काना मोहे अच्छी लागे.
कन्हैया मोहे अच्छी लागे........तेरी मुरली की .............
सुप्रभात जी .................................good morning ji



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