sufi tadka
सोमवार, 7 नवंबर 2011
sari rat
सारी रात चिराग जलाये रखते है,
तेरे आने की आस लगाये रखते है.
नींद चली गई छोड़ के साथ मेरा,
हम तो आँखों को जगाये रखते है.
यूँ कभी तो आयेगे बहारों के दिन,
अपने दिल को समझाये रखते है. "रैना"
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