sufi tadka
शनिवार, 26 नवंबर 2011
kya khak
कोई जनून बाकी न रहा,
दिल में खून बाकी न रहा,
कैसे जीये अब तेरे शहर में,
चैन ओ सकून बाकी न रहा."रैना"
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