sufi tadka
मंगलवार, 1 नवंबर 2011
mushikal hai
दिल रोता मगर फरियाद करना मुशिकल है,
हुनरे फरेब में दक्ष जमाना बड़ा ही तंगदिल है.
"रैना" दिल के हाथों मजबूर देखो मेरी बेबसी,
मैं उसे सजा नही दे सकता जो मेरा कातिल है."रैना"
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