मेरी रचनाओं की तारीफ करने वाले दोस्तों का,
मैं तहदिल से आभार व्यक्त करता हु
अपने ऐसे दोस्तों की शान में एक शेर कह रहा हु.
बेशक आप होगे फिराग दिल,
वैसे मेरे शहर के लोग किसी की तारीफ करने से गुरेज करते है. "रैना"
मैं तहदिल से आभार व्यक्त करता हु
अपने ऐसे दोस्तों की शान में एक शेर कह रहा हु.
बेशक आप होगे फिराग दिल,
वैसे मेरे शहर के लोग किसी की तारीफ करने से गुरेज करते है. "रैना"
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