रोने से मसले हल नही होते,
हिम्मत वाले तभी नही रोते.
जिनको मंजिल की तलब है,
चैन से वो तो कभी नही सोते.
जिनकी नीयत निति न कोई,
गम का बोझ तो वही है ढ़ोते.
लाजिमी वो ही तो पैदा होगा,
खेत में जो भी फसल है बोते.
"रैना" का तो जिगर फौलादी,
आंसुओं से न पलकें भिगोते.." "रैना"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें