चल रहा कुछ ऐसा दौर, इन्सां भ्रम में रहता है,
बात का बुरा मान जाये, जब सच कोई कहता है.
झूठा बेवफा फरेबी अब तो आगे खड़ा नजर आये,
जिसे का बचा है दीन इमान वो तो पीछे ही बैठा है. "रैना"
बात का बुरा मान जाये, जब सच कोई कहता है.
झूठा बेवफा फरेबी अब तो आगे खड़ा नजर आये,
जिसे का बचा है दीन इमान वो तो पीछे ही बैठा है. "रैना"
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