सोचने से क्या होगा इतना जान लो,
फ़िलहाल कल युग नही कर युग है."रैना"
उसकी मर्जी जिस हाल में रखे,
वैसे हम अक्सर उड़ने की सोचते हैं."रैना"
जमीं पे रहना सोच सितारों की रखना,
खिजा में भी तू तलब बहारों की रखना."रैना"
बच्चे को जब चलना सिखाना होता है,
पहले उसे झुनझुना दिखाना पड़ता है.
फ़िलहाल कल युग नही कर युग है."रैना"
उसकी मर्जी जिस हाल में रखे,
वैसे हम अक्सर उड़ने की सोचते हैं."रैना"
जमीं पे रहना सोच सितारों की रखना,
खिजा में भी तू तलब बहारों की रखना."रैना"
बच्चे को जब चलना सिखाना होता है,
पहले उसे झुनझुना दिखाना पड़ता है.
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