तू कुछ तो अपना ख्याल करता,
बिखरे सामान की संभाल करता.
जो तू किताबे इश्क पढ़ता लेता,
यूं हर बात पे आँखें न लाल करता.
हर कोई निभाता किरदार अपना,
हर शख्स बेमिसाल कमाल करता.
"रैना"पूछ न किसी से सवाल कोई,
बेहतर होता खुद से सवाल करता."रैना"
सुप्रभात जी ..................good morning ji
बिखरे सामान की संभाल करता.
जो तू किताबे इश्क पढ़ता लेता,
यूं हर बात पे आँखें न लाल करता.
हर कोई निभाता किरदार अपना,
हर शख्स बेमिसाल कमाल करता.
"रैना"पूछ न किसी से सवाल कोई,
बेहतर होता खुद से सवाल करता."रैना"
सुप्रभात जी ..................good morning ji
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