sufi tadka
गुरुवार, 19 जनवरी 2012
haye tere shahar me
हाय तेरे शहर में अब तो वफा न मिले,
महके खुशबू मगर दिल का फूल न खिले.
दिल में किसी के न प्यार मोहब्बत बाकी,
बेजा चाहे कर लो जितने भी शिकवे गिले."रैना"
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