हम प्यार करते तुझे प्यार करते है,
हर महफ़िल में जिकरे यार करते है.
खुद पे भरोसा हमें यकीन ही नही है,
इक तुझ पे भरोसा एतबार करते है,
तेरे हुस्न के जलवें वाह क्या कहने,
हम हर शै में तेरा ही दीदार करते है.
हर किसी पर चले तेरी ही हुकमत,
तेरे ही गुलाम हम स्वीकार करते है.
'रैना"नाम की कश्ती पे जो चढ़ जाते,
भवसागर वही लोग तो पार करते है."रैना"
हर महफ़िल में जिकरे यार करते है.
खुद पे भरोसा हमें यकीन ही नही है,
इक तुझ पे भरोसा एतबार करते है,
तेरे हुस्न के जलवें वाह क्या कहने,
हम हर शै में तेरा ही दीदार करते है.
हर किसी पर चले तेरी ही हुकमत,
तेरे ही गुलाम हम स्वीकार करते है.
'रैना"नाम की कश्ती पे जो चढ़ जाते,
भवसागर वही लोग तो पार करते है."रैना"
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