रविवार, 8 जनवरी 2012

mushkilon se

मुशिकलों का दौर मुसल्सल जारी है,
एक बाबा का कहना शनिदेव भारी है.
शनिदेव जी का भार हल्का करने को,
बाबा जी ने सुन तो ली अर्ज हमारी है.
वैसे मैंने ये तो सुना बहुत से लोगों से,
बाबा पहुंचा फकीर शनि का पुजारी है.
बाबा ने जब खर्च का हिसाब थमाया,
पता चला बाबा पुजारी नही व्यापारी है.
यू बाबा मिया बीवी के झगड़ें सुलझते,
मगर बाबा को छोड़ गई उनकी नारी है.
"रैना" न पड़ तू बेवजह के चक्करों में,
मुकम्मल मौलवी न यहां कोई पुजारी है."रैना"

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