महफिल जवां रही जाम चले रात भर,
सब मस्ती में चूर थे हम जले रात भर.
किस्मत के मारों को सहारा न मिला.
आँख खुली टूट गये अरमां पले रात भर."रैना"
सब मस्ती में चूर थे हम जले रात भर.
किस्मत के मारों को सहारा न मिला.
आँख खुली टूट गये अरमां पले रात भर."रैना"
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