बेशक जो भी अपना फिकर करते,
वो हर हाल में उसका जिकर करते.
दीवानें रहते है उसकी रजा में राजी,
जो उसने बख्शा उसी में सबर करते.
होठों पे हंसी न कोई गिला शिकवा,
जो भी मिले महबूब की नजर करते.
अपने मकसद से जो भी भटक गये,
अक्सर वो ही इधर की है उधर करते.
रैना"उन्हें हासिल जमाने की खुशियाँ,
जो भी अपने बुजुर्गो की कदर करते."रैना"
सुप्रभात जी ...................good morning ji
वो हर हाल में उसका जिकर करते.
दीवानें रहते है उसकी रजा में राजी,
जो उसने बख्शा उसी में सबर करते.
होठों पे हंसी न कोई गिला शिकवा,
जो भी मिले महबूब की नजर करते.
अपने मकसद से जो भी भटक गये,
अक्सर वो ही इधर की है उधर करते.
रैना"उन्हें हासिल जमाने की खुशियाँ,
जो भी अपने बुजुर्गो की कदर करते."रैना"
सुप्रभात जी ...................good morning ji
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें