पूजा अरदास बंदगी या फरियाद कीजिये,
बेहतर होगा दो घड़ी उसको याद कीजिये.
नेक राह पे तुम मुसल्सल चलते जाओ गे,
दिल के घर में उसको बस आबाद कीजिये.
चार घड़ी उजाला फिर तो गुप काली रात है,
कीमती लम्हें हसीन यूँ न बरबाद कीजिये.
"रैना"उसकी पनाह में तू जिन्दगी गुजार लें,
हर शै अपने हसीन यार का ही दीद कीजिये."रैना"
सुप्रभात जी ..........................good morning ji
बेहतर होगा दो घड़ी उसको याद कीजिये.
नेक राह पे तुम मुसल्सल चलते जाओ गे,
दिल के घर में उसको बस आबाद कीजिये.
चार घड़ी उजाला फिर तो गुप काली रात है,
कीमती लम्हें हसीन यूँ न बरबाद कीजिये.
"रैना"उसकी पनाह में तू जिन्दगी गुजार लें,
हर शै अपने हसीन यार का ही दीद कीजिये."रैना"
सुप्रभात जी ..........................good morning ji
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