सुरों की दाता सरस्वती माता मोहे बख्शो अपना प्यार,
श्रदा सुमन में ले कर आया मैया करो लो इन्हें स्वीकार.
कला की देवी माँ सरस्वती लाज मोरी रख लीजे,
मैं अज्ञानी नासमझ बालक मुझ पर कृपा कीजे.
लाज मोरी रख लीजे...............................
सुर और ताल का ज्ञान न मोहे,कड़वी मेरी बाणी,
कंठ विराजो माँ कल्याणी,ज्ञान का वर मोहे दीजे.
लाज मोरी रख लीजे...............................
सात सुरों में बांधा तूने जग संसार ये सारा,
मोरे मन में गहन अँधेरा रोशन मन मेरा कीजे.
लाज मोरी रख लीजे...............................
रैना"आया शरण तुम्हारी,श्रदा सुमन बस लेकर,
दुखिया जन की सुन लो विनती चरणों में रख लीजे.
लाज मोरी रख लीजे.............................."रैना".