रविवार, 29 जनवरी 2012

ishak ka jikar

इश्क का जिक्र आसां मगर इश्क करना मुशिकल है,
इश्क मुकम्मल तब होता जब आशिक होता पागल है.
बदले जमाने का रंग देख कर आशिक भी बदल गये,
मतलबखोरों की बस्ती हर कोई साजिश में शामिल है "रैना".

शुक्रवार, 27 जनवरी 2012

dil ke aangan

दिल के आँगन में छाले है, 
फिर भी होठों पे तालें है.
ये किस्सा बस इतना सा,
अपने अन्दाज निराले है
मेरे घर का देख नजारा
शरमाते मस्त उजाले है.
लोग ख़ुशी से नाता रखते,
"रैना" ने तो गम पाले है.."रैना"

suro ki data sarswati mata

सुरों की दाता सरस्वती माता मोहे बख्शो अपना प्यार,
श्रदा सुमन में ले कर आया मैया करो लो इन्हें स्वीकार.
कला की देवी माँ सरस्वती लाज मोरी रख लीजे,
मैं अज्ञानी नासमझ बालक मुझ पर कृपा कीजे.
लाज मोरी रख लीजे...............................
सुर और ताल का ज्ञान न मोहे,कड़वी मेरी बाणी,
कंठ विराजो माँ कल्याणी,ज्ञान का वर मोहे दीजे.
लाज मोरी रख लीजे...............................
सात सुरों में बांधा तूने जग संसार ये सारा,
मोरे मन में गहन अँधेरा रोशन मन मेरा कीजे.
लाज मोरी रख लीजे...............................
रैना"आया शरण तुम्हारी,श्रदा सुमन बस लेकर,
दुखिया जन की सुन लो विनती चरणों में रख लीजे.
लाज मोरी रख लीजे.............................."रैना".

दोस्तों की दुआओं का असर है,
वरना बन्दा इस काबिल न था."रैना"
भारत माँ की फरियाद ??????????????
मेरे देश के नौजवानों,
भारत देश को सम्भालों,
भ्रष्टाचार की दलदल में धसी,
कश्ती को बाहर निकालों.
भारत माँ को बस तुम पे यकीन है,
क्योकि नेताओ का अब धर्म न दीन है.
नेता तो सिर्फ नोट बनाने की मशीन है.
लूटने भ्रष्टाचार करने में कुशल प्रवीन है, 
देश के युवाओ भारत माँ तुम्हे पुकार रही,
दुखी परेशान रो रो कर है अर्ज गुजार रही.
आगे आओ कमान सम्भालों,
मुझे फिर गुलाम होने से बचा लो....."रैना"

dil ko jla

मेरे देश के नौजवानों,
भारत देश को सम्भालों,
भ्रष्टाचार की दलदल में धसी,
कश्ती को बाहर निकालों.
भारत माँ बस तुम पे यकीन,
मसीहा का न अब धर्म दीन है."रैना"

बुधवार, 25 जनवरी 2012

jine ke liye

जीने के लिए कुछ न कुछ करना पड़ता है,
अपना हक़ पाने के लिए अब लड़ना पड़ता है.
आजादी इतनी आसानी से नही मिलती योरों,
देश के खातिर तो सूली पर भी चढ़ना पड़ता है.

aam aadmi ka hath

अब आम आदमी का हाथ नर्म है,
चोर उच्चकों की जेब खूब गर्म है,
कुछ दौर ही ऐसा आ गया है यारों,
वही मालामाल जिसका भ्रष्ट कर्म है.
बेशक बेगरत को भी शर्म आ जाती,
मगर अब नेता को न आती शर्म है.
शर्म आये भी को बेशर्म के सर ताज,
कुर्सी धन दौलत यही नेता का धर्म है. "रैना" 
चलना संभल संभल के अब एतबार तुम पे है,
भावी पीड़ी  नौजवानों देश का भार तुम पे है.
अपनी मेहनत के दम से तुम छू रहे बुलंदियां,
कायल तुम्हारे हूनर का फ़िदा संसार तुम पे है.
गलत राह न जाना नशे से सदा रखना दूरियां,
नासमझ बड़ी आई जवानी की बहार तुम पे है.
रैना" बेशक जन्म भूमि के हम सब कर्जदार है,
सच मानो न्यौछावर भारत माँ का प्यार तुम पे है. "रैना"

hosh hwas n khona

चलना संभल संभल के अब एतबार तुम पे है,
भावी पीड़ी के नौजवानों देश का भार तुम पे है.
अपनी मेहनत के दम से तुम छू रहे बुलंदियां,
कायल तुम्हारे हूनर का फ़िदा संसार तुम पे है.
गलत राह न जाना नशे से सदा रखना दूरियां,
नासमझ बड़ी आई जवानी की बहार तुम पे है.
रैना" बेशक जन्म भूमि के हम सब कर्जदार है,
सच मानो न्यौछावर भारत माँ का प्यार तुम पे है. "रैना"

बेशक अब तो खून हमारा,होने लगा है पानी,
तभी तो हम सब भूल रहे है शहीदों की कुर्बानी.
याद करो उन्हें याद करो,भूलो न उनको याद करो,
आजादी के दीवानों को
,कुर्बान हुए परवानों को,
याद करो,याद करो ----------------
धुप देखी न छाव देखी,न देखे पावं के छाले,
भारत माँ को मुक्त करवाने, निकल पड़े थे मतवाले.
भूखे प्यासे आगे बढ़ते  भारी गम पर उफ़ न करते,
देश प्रेम की लगन लागी,हंस के लगा दी जान की बाजी.
याद करो उन्हें याद करो-----------------
काल सुनहरी भरी जवानी, फिर भी मन की एक न मानी,
अपना सुख दुःख भूल भुला के,माँ की पीड़ा समझी जानी,
इच्छा अरमां कर के दफ़न, सर पर बांध लिया था कफ़न,
मचला खून सर चढ़ कर बोला,मइया रंग दे बसंती चोला.
याद करो उन्हें याद करो-------------------------
देख फंदे को मन था झुमा,हंस-हंस के फांसी को चूमा,
वीरों का उत्साह देख कर,दुश्मन का फिर सर था घुमा,
बेशक रोये बहन,माँ भाई, हिम्मत में पर कमी न आई,
शहीदों की कुर्बानी रंग लाई, अंग्रेजों ने मुहु की खाई,
15 अगस्त का दिन आया, लाल किले पर तिरंगा फहराया,
लाल किले पर तिरंगा लहराया.शहीदों ने उदघोष किया,
भारत माता की जय---- याद करो उन्हें याद करो---------
                                                        राजिंदर शर्मा "रैना"-

मंगलवार, 24 जनवरी 2012

aati tera yad

बेशक आती है तेरी याद,
शाम ढलने दो पैग पीने बाद.

सोमवार, 23 जनवरी 2012

apne desh ke netao

अपने देश के नेताओं का न दीन इमान रहा,
कैसे पैसे इकठ्ठे करने इतना ही ध्यान रहा.
चोर उच्चको की मौजे राजनीति के हथियार, 
मेहनत मशक्त करे जो भद्र जन परेशान रहा.
बैठे स्वर्ग में शहीद अब खुद को ही  कोस रहे,
इनसे अंग्रेज अच्छे व्यर्थ हमारा बलिदान रहा.
जन लोकपाल जो बने इन्हें जेल जाना होगा,
अपने पर कटते देख नेता वर्ग भौहे तान रहा.
आजादी की दूसरी लड़ाई हरहाल जीतनी है,
बेशक"रैना"का अब ये आखिरी अरमान रहा."रैना"

jisne dukh me sukh paya

जिसने दुःख में सुख पाया है,
चमने हसरत महकाया है.
सुख तो धोखा भी दे सकता,
दुःख अपना जैसे साया है.
दुःख में इतना जान गये है,
अपना है कोंन पराया है.
रैना" दुःख में मत घबराना,
दुःख सुख को लेकर आया है. "रैना"
सुप्रभात जी .......good morning ji

रविवार, 22 जनवरी 2012

sta asukh

सता का सुख भोग रहे,
अंग्रेजों का पानी भरने वाले,
देश ने भुला दिये,
आजादी के लिये लड़ने मरने वाले,
नेता शहीदों के प्रति अपना प्रेम कुछ ऐसे दिखा रहे है,
चौक चौराहों से,
शहीदों की मूर्तियाँ हटा अपने बुत लगवा रहे है..................."रैना"

शनिवार, 21 जनवरी 2012

wah ji wah

वाह जी वाह क्या कहने ???????????
नेता जी क्या खूब किरदार निभाते है,
एक रात गरीब के घर बिताते है,
अगले दिन??????????????
पांच सितारा होटल में गुलछर्रे उड़ाते है."रैना"
वोट की भीख मांगने द्वारे द्वारे आते है,
देखिये  नेता बनते ही आँखें दिखाते है.
पांच साल बाद ही फिर लौट के आते है.
खुद को जनता का परम हितेषी बताते है.
अपना पैसा स्विस बैंक में जमा करवाते है,
इसलिए भारतवासियों खुद को समझाओ,
भ्रष्टाचारी को वोट की चोट मार पीछे हटाओ.
मिल कर भारत देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाओ."रैना"

गुरुवार, 19 जनवरी 2012

mere hisse me

मेरे हिस्से में जो आई है,
सच जानो  पीड़ पराई है.
गैरों से शिकवा करते है,
अपनों ने आग लगाई है."रैना"


lambi tan ke nhi

लम्बी तान के मत सोना,
खुद के भी मुखातिब होना,
रोने से न निकले हल है,
तू होशो हवास न खोना."रैना"
सुप्रभात जी..................good morning ji                                                                                                                                  

man ka mandir

मन का मन्दिर टूटा है,
मेरा वादा झूठा है,
किससे शिकवा करते हम,
खुद ने घर को लुटा है............."रैना" 

haye tere shahar me

हाय तेरे शहर में अब तो वफा न मिले,
महके खुशबू मगर दिल का फूल न खिले.
दिल में किसी के न प्यार मोहब्बत बाकी,
बेजा चाहे कर लो जितने भी शिकवे गिले."रैना"

ik dard hi nibha rha

गैर अपने सब दामन छुड़ा रहे है,
दर्द ओ गम मेरा साथ निभा रहे है.
करती बयान माथे की लकीरें देखो,
यूं कहने को हम हर गम छुपा रहे है."रैना"

बुधवार, 18 जनवरी 2012

jate jate

कुछ अपने लिए भी कर लें जाते जाते,
वरना बहुत देर हो जाये गी आते आते.
बेशक जिंदगी नयामत इक बार मिली,
उसकी रजा में गुजार हंसते गाते गाते.
इतनी आसानी से फिर न मिलने वाली,
सदियां गुजर जायेगी बुत बनाते बनाते. 
नासमझ "रैना" को समझ क्यों न आती, 
वो थक गया हाले जिंदगी बताते बताते."रैना"
सुप्रभात जी .........................good morning ji

hamne nibai

हमने तो निभाई बावफा सनम की तरह,
फिर तुम क्यों बदल गये मौसम की तरह
मेरे दिल के घर में कभी बहारों का डेरा था,
रैना"अब माहौल बन गया मातम की तरह." रैना"

मंगलवार, 17 जनवरी 2012

re bande kuchh soch tu kar


रे बन्दे कुछ सोच तू कर,
फिरता है तू फूला फूला,
वादे कसमे सब तू भुला,
उस मालिक से तो डर,
ओ बन्दे कुछ सोच तो कर.रे बन्दे ................
तन की तुझे हरपल चिंता,नहाये मल के रूप सजाये है,
रूह की कोई भी फिकर नही,तू बिरथा जन्म  गवाये है,
तेरा तन भी धोखा दे जायेगा,आखिरी वकत आने पर.
ओ बन्दे कुछ सोच तो कर.रे बन्दे ................
सुप्रभात जी ..............................good morning ji

tere bina bhi

तेरे बिना भी क्या जीना है,
जामे जहर का क्या पीना है.
उसका डूबना तो तय यारो,
माझी के बिन जो सफीना है.
इंसान खुद को परख न पाये,
अंजान कीमत से नगीना है.
दर्दे जुदाई भी हंस के सहता
रैना"का तो फौलादी सीना है."रैना"

kash bedard shahar men

काश बेदर्दों के शहर में रिश्ता ए दिल न जोड़ते,
फिर बैठे डूबे गहरी सोच में यूं तिनके न तोड़ते.
"रैना"मकसद होता पूरा मिल जाता मुकाम भी,
बेहतर होता जो सब छोड़ के उससे नाता जोड़ते."रैना" 

kahne ko hai ji

हालात ऐसे बन पड़े खून के घूट पी रहे,
फ़कत वक्त काटते कहने को ही जी रहे.
वक्त ए अजल मुक़र्रर तब तलक सांसें,
"रैना"ये सोच कर दिल के जख्म सी रहे."रैना"

सोमवार, 16 जनवरी 2012

jam chale hai raat bhar

महफिल जवां रही जाम चले रात भर,
सब मस्ती में चूर थे हम जले रात भर.
किस्मत के मारों को सहारा न मिला.
आँख खुली टूट गये अरमां पले रात भर."रैना" 

bite kha din kha rat

दिन बीते कहां रात बिताई, तुझसे पूछेगे सजन,
वादा करके न प्रीत निभाई, तुझसे पूछेगे सजन.
दिन बीते कहां..........................................
वादा किया था तेरे संग निभाऊ गी,
तेरे ही रंग में मैं सजन रंग जाऊ गी,
तुझे लगी जब हवा,तू हो गई बेवफा,
फिर क्यों न आँख मिलाई, तुझसे पूछेगे सजन.
दिन बीते कहां..........................................
जान अनजान बनी फिरे बेखबर है,
तेरी हर हरकत पे उसकी नजर है,
जोड़ प्रेम के तार,कर उससे प्यार,
"रैना" कर ले कुछ तो कमाई,तुझसे पूछेगे सजन.
 दिन बीते कहां..........................................
सुप्रभात जी ............................good morning ji
मेरे प्रिय दोस्तों,
 आप सब को बताने में मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है,
 मेरी पहली किताब
 "हर हाथ हवा देगा"
छप कर मेरे हाथों में आ चुकी है.
शीघ्र ही आप सब के हाथों में होगी."रैना"

गुरुवार, 12 जनवरी 2012

beshak jmin pe chamkta

हरगिज जमीं पे चमकता ये तारा न होता,
गर जो तेरी यादों का अदल सहारा न होता. "रैना"
  अदल =संगतियुक्त

लोहड़ी के त्यौहार के अवसर पर दोस्तों की खिदमत में पेश है

बेशक हमारी तुम्हारी तो पुरानी न मुलाकात है,
कुछ भी दिन नही हुये पिछली लोहड़ी की बात है.
जलती लकड़ियाँ देख कर हम बेहिसाब मचले थे,
ख्वाबों ख्यालों में तरोताजा वो लोहड़ी की रात है.
सर्दी का ये मौसम है रजाई में दुबक के सोने का,
फिर भला तम्हारी आँखों से क्यों बरसे बरसात है.
बेदर्दो के शहर में अब वफा बाजार में बिकने लगी,
मिजाजे मौसम के संग "रैना" बदले आदम जात है."रैना"

beshak teri meri purani n mu

बेशक हमारी तुम्हारी तो पुरानी न मुलाकात है,
कुछ भी दिन नही हुये पिछली लोहड़ी की बात है.
जलती लकड़ियाँ देख कर हम बेहिसाब मचले थे,
ख्वाबों ख्यालों में तरोताजा वो लोहड़ी की रात है.
सर्दी का ये मौसम है रजाई में दुबक के सोने का,
फिर भला तम्हारी आँखों से क्यों बरसे बरसात है.
बेदर्दो के शहर में अब वफा बाजार में बिकने लगी,
मिजाजे मौसम के संग "रैना" बदले आदम जात है."रैना"

rat katte hai rato me

पल भर भी नींद नही आती अब रात कटे आँखों में,
हम कैसे आँखें बन्द कर ले तुम आन बसे आँखों में.
दर्दे जुदाई का आलम और मीलों लम्बी सर्द रातें है,
बेशक बरसात बरसी नही मगर आंसू डटे आँखों में."रैना" 

chahe girte ko uthhana nhi

चाहे गिरते को उठाना नही,
मगर नजरों से गिराना नही.
कायम रह जाये वजूद मेरा,
तारे के तरह  मिटाना नही.
मेरी खता ये गुस्ताखी है,
मेरा तेरे साथ यराना नही. 
तेरा मेरा कोई रिश्ता तो है,
"रैना" कोई गैर बेगाना नही.
 कागज पे लिखे नुख्से न कभी पढ़ता है,
 अलबता "रैना दर्द से मोहब्बत करता है,""रैना"

बुधवार, 11 जनवरी 2012

bhart desh me

भारत देश में चूल्हा जलाता कोई और है,
खीर पकाता साधू राम खाता कोई और है.
कहने को शरीफ बस्ती बदमाशों का पहरा,
साहूकार अब क्या करे पहरेदार ही चोर है.
चोर उच्चको नेताओं की यहां मौज बहार,
मुशिकलों की चक्की में पिसता कमजोर है.
पैसे की अंधी दौड़ में सभी अन्धे है हो गये,
दीन धर्म लाज शर्म की किसी को न गौर है.
बदलते इस जमाने में पशु बहुत कम हो गये,
ऐसा तो होना था क्योकि इंसान बना ढोर है.
बेशक इबादत बंदगी शांतप्रिय माहौल में,
मगर अब बंदगी नाच गाना मचा हुआ शोर है.
"रैना" आज के इन्सान की बेबसी तो देखिये,
मंजिल कही और मगर जा रहा कही और है."रैना"

apne desh me ab

अपने देश में अब मुशिकल घड़ी है,
लालू जी रामदेव से,
अन्ना जी प्रधानमंत्री मनमोहन से,
और ममता
सोनिया से लड़ने को तैयार खड़ी है.
नेताओं पर बेशर्मी की मोटी चमड़ी चढ़ी है.
बेचारी जनता सहमी हुई डरी है.
इसलिए भारतवासियों आगे आयो,
जनलोक पाल बनवा कर बदलो व्यवस्था,
क्योकि व्यवस्था पूरी तरह गली सड़ी है."रैना" 
मेरा दर्द कोई समझ नही पाया,
नासमझ नासमझों के दर आया.
बेहिसाब फरेब दिखावा किया है,
रोग की दवा न कोई बता पाया.
अपने साथ सनम हमें ले डूबे,
जब सोचा फिर बहुत पछताया.
भक्ति को आसान समझ बैठे,
नाच गा के फ़कत मन बहलाया.
देखो टूट के चूर चूर हो गया है,
पत्थर से जब शीशा टकराया.
गर्दिश के दिनों में समझ आई,
कोन अपना मेरा कोन है पराया.
मझदार कश्ती डगमग है डोले,
"रैना"बिना माझी के घबराया ."रैना"
सुप्रभात जी ...........good morning ji

mera dard koi samjh nhi paya

मेरा दर्द कोई समझ नही पाया,
नासमझ नासमझों के दर आया.
बेहिसाब फरेब दिखावा किया है,
रोग की दवा न कोई बता पाया.
अपने साथ सनम हमें ले डूबे,
जब सोचा फिर बहुत पछताया.
भक्ति को तो आसान समझ बैठे,
नाच गा के फ़कत मन बहलाया.
देखो टूट के चूर चूर हो गया है,
पत्थर से जब शीशा टकराया.
गर्दिश के दिनों में समझ आई,
कोन अपना मेरा कोन है पराया.
मझदार कश्ती डगमग है डोले,
"रैना"बिना माझी के गहराया."रैना"

meri jindgi ki ada

हाय??????????????????
अपनी जिन्दगी की अदा एकदम निराली है,
पैदा होते ही भगवान ने कर दी शादी,
गम ससुर,
मुशीबत सास,
दुःख साला,
चिन्ता साली,.
तंगहाली गरीबी घरवाली है.
भरी जवानी में बूढ़ा नजर आने लगा,
डिब्बा बिलकुल खाली है...........................
टूटी हुई चाये की प्याली है........"रैना"

ham kya btaye

हम क्या बताये कैसे जिन्दगी बिता रहे है,
कंधे पे लाश अरमानों के जनाजे में जा रहे है,
उम्मीद थी आखिरी वक्त चार आ ही जाये गे,
मगर अफ़सोस अपना भार खुद ही उठा रहे है."रैना"
फकत एक हुई नादानी देखो,
अंजाम बरबाद जवानी देखो.
दिल चीर के हम दिखाये कैसे, 
आँखों से छलकता पानी देखो.
चौपाल चौराहे पे बस ये चर्चा,
सुर्खी है इश्क की कहानी देखो.
रैना"किसी को नसीहत मत दे,
दुनिया हुई बहुत सयानी देखो."रैना"

मंगलवार, 10 जनवरी 2012

meri dhltihui jwani

हम से हो गई एक नादानी देखो,
अंजाम ढलती हुई जवानी देखो.
दिल चीर के दिखा नही सकते,
आँखों से छलकता ये पानी देखो.
चौपाल चौराहे पे बस यही चर्चा,
सुर्खी बन गई मेरी कहानी देखो.
"रैना"किसी को नसीहत न देना,
दुनिया हो गई बहुत सयानी देखो."रैना"

gar tufan n dga dete

गर तुम पहले ही बता देते,
फिर ख़त पुराने जला देते..
रो रो के दर्द बयाँ करे शमा,
तूफान मुझे क्यों बुझा देते.
काँटों से दोस्ती होती बेहतर,,
बेशक फूल अक्सर दगा देते.  
मेरी वफा पे इल्जाम न आये,
इसलिए खुद को सजा देते.,
'रैना"को बेवफा तो न कहते,
चाहे उसको सूली पे चढ़ा देते."रैना"

रविवार, 8 जनवरी 2012

maa ne kha

माँ ने कहा किसी का दिल दुखाना नही,
बात हजम करना किसी को बताना नही.
गर जो आ जाये बात करने का सलीका,
फिर सारा शहर अपना कोई बेगाना नही,
जो उसने बख्शा मिल बाँट सबर से खाना,
घर के आँगन में दीवार कभी उठाना नही,
हासिल सब कुछ मेहनत मुकद्दर से होगा,
हंसता देख के किसी को दिल जलाना नही.
मोहब्बत में जां चली जाये प्रवाह न करना,
मगर जालिम के सामने सिर झुकाना नही.
बेशक घर में ही रहते भगवान माँ बाप तेरे,
इबादत कर इनकी चाहे तू तीर्थ नहाना नही.
"रैना"ख्याल रखना खुद में सिमट कर रहना,
अहम न करना बेवजह खुद को दिखाना नही."रैना"

achchha hoga

अच्छा होगा कुछ नया करने लगे,
साथ किताबों के खुद को पढ़ने लगे.
बहुत लड़े है बेवजह इस जमाने से, 
हासिल होगा जो खुद से लड़ने लगे..
समझदार भी नासमझ हुये शहरी,
ढोंगियों के ही हम पैर पकड़ने लगे.
अब नसीहत का भी न होता असर,
लोग मर्जी की राह पे है चलने लगे. 
"रैना"नीयत नेक राह को छोड़ के,
हम खुद को ही क्यों छलने लगे है."रैना"
सुप्रभात जी..............good morning

mushkilon se

मुशिकलों का दौर मुसल्सल जारी है,
एक बाबा का कहना शनिदेव भारी है.
शनिदेव जी का भार हल्का करने को,
बाबा जी ने सुन तो ली अर्ज हमारी है.
वैसे मैंने ये तो सुना बहुत से लोगों से,
बाबा पहुंचा फकीर शनि का पुजारी है.
बाबा ने जब खर्च का हिसाब थमाया,
पता चला बाबा पुजारी नही व्यापारी है.
यू बाबा मिया बीवी के झगड़ें सुलझते,
मगर बाबा को छोड़ गई उनकी नारी है.
"रैना" न पड़ तू बेवजह के चक्करों में,
मुकम्मल मौलवी न यहां कोई पुजारी है."रैना"

jab se dil

हाय तेरी तो याद बहुत आये,
बेदर्द तुझे क्यों  समझ न आये,
काली रात में साथ छोड़ दे साये.
बड़े अंदाज से वो अलविदा कह गये,
अदा देख के उनकी हम रोते रह गये."रैना"

अब हम नया काम करने लगे है,
छोड़ किताबे खुद को पढ़ने लगे है.
इस जमाने की हमें खबर नही है,
हम मुसल्सल खुद से लड़ने लगे है.
बेशक अब कुछ होता है एहसास,
मेरे बिगड़े  नसीबा सवरने लगे है.
समझदार भी नासमझ हुये लोग,
ढोंगियों  के ही पैर पकड़ने लगे है.
अब नसीहत का कुछ न हो असर,
लोग मर्जी की राह चलने लगे है.
"रैना"नीयत नेक राह को छोड़ के,
हम खुद को ही क्यों छलने लगे है."रैना"



शुक्रवार, 6 जनवरी 2012


तू कुछ तो अपना ख्याल करता,
बिखरे सामान की संभाल करता.
 किताबे इश्क इक बार पढ़ लेता,
बात बात पे आँखें न लाल करता.
हर कोई निभाता किरदार अपना,
हर शख्स बेमिसाल कमाल करता.
"रैना"पूछ न किसी से सवाल कोई,
बेहतर होता खुद से सवाल करता."रैना"
सुप्रभात जी ..................good morning ji

kuchh to apna

तू कुछ तो अपना ख्याल करता,
बिखरे सामान की संभाल करता.
 जो तू किताबे इश्क  पढ़ता लेता,
यूं हर बात पे आँखें न लाल करता.
हर कोई निभाता किरदार अपना,
हर शख्स बेमिसाल कमाल करता.
"रैना"पूछ न किसी से सवाल कोई,
बेहतर होता खुद से सवाल करता."रैना"
सुप्रभात जी ..................good morning ji 

tere gumk me shrabi

तुझ से बिछुड़ के मैं तो शराबी हो गया हूं,
दीवारों से बातें करने का आदी हो गया हूं.
पहले जुल्म किया अब दिलाशा देते लोग,
"रैना" शहर वाले कहते मैं बागी हो गया हूं."रैना"

kali raat katti jaye

ये काली रात कटती जायेगी,
गम की बदली छटती जायेगी,
जो तू आगे बढ़ने की ठान लेगा,
फिर दुनीया पीछे हटती जायेगी."रैना"

बुधवार, 4 जनवरी 2012

bhid se khud ko

चाहे भीड़ से खुद को बहुत दूर रखना,
मगर चार जिगरी दोस्त जरुर रखना.
शहर मोहल्ले में कोई जाने न जाने,
अपनी गली में खुद को मशहूर रखना."रैना"

sochne se kya hoga

सोचने से क्या होगा इतना जान लो,
फ़िलहाल कल युग नही कर युग है."रैना"
उसकी मर्जी जिस हाल में रखे,
वैसे हम अक्सर उड़ने की सोचते हैं."रैना"

जमीं पे रहना सोच सितारों की रखना,
खिजा में भी तू तलब बहारों की रखना."रैना"
बच्चे को जब चलना सिखाना होता है,
पहले उसे झुनझुना दिखाना पड़ता  है.

behak kante

बेशक ये कांटें बहुत ही रुलाते है,
मगर संभल के चलना सिखाते  है."रैना"



मंगलवार, 3 जनवरी 2012

beshak jo bhi uska

बेशक जो भी अपना फिकर करते,
वो हर हाल में उसका जिकर करते.
दीवानें रहते है उसकी रजा में राजी,
जो उसने बख्शा उसी में सबर करते.
होठों पे हंसी न कोई गिला शिकवा,
जो भी मिले महबूब की नजर करते.
अपने मकसद से जो भी भटक गये,
अक्सर वो ही इधर की है उधर करते.
रैना"उन्हें हासिल जमाने की खुशियाँ,
जो भी अपने बुजुर्गो की कदर करते."रैना"
सुप्रभात जी ...................good morning ji

सोमवार, 2 जनवरी 2012

pyar karte hai

हम प्यार करते तुझे प्यार करते है,
हर महफ़िल में जिकरे यार करते है.
खुद पे भरोसा हमें यकीन ही नही है,
इक तुझ पे भरोसा एतबार करते है,
तेरे हुस्न के जलवें वाह क्या कहने,
हम हर शै में तेरा ही दीदार करते है.
हर किसी पर चले तेरी ही हुकमत,
तेरे ही गुलाम हम स्वीकार करते है.
'रैना"नाम की कश्ती पे जो चढ़ जाते,
भवसागर वही लोग तो पार करते है."रैना"

puja ardas tapsya

पूजा अरदास बंदगी या फरियाद कीजिये,
बेहतर होगा  दो घड़ी उसको याद कीजिये.
नेक राह पे तुम मुसल्सल चलते जाओ गे,
दिल के घर में उसको बस आबाद कीजिये.
चार घड़ी उजाला फिर तो गुप काली रात है,
कीमती लम्हें हसीन यूँ न बरबाद कीजिये.
"रैना"उसकी पनाह में तू जिन्दगी गुजार लें,
हर शै अपने हसीन यार का ही दीद कीजिये."रैना"
सुप्रभात जी ..........................good morning ji


मेरे क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ है,इस सडक हादसे में एक स्कूल
 के लगभग एक दर्जन बच्चे मोत का शिकार हुए है.
उस हादसे से दुखी हो कर ये रचना लिख रहा हूँ.

इक ही हादसे ने कई घर उझाड़े हैं,
टूट के जमीं से अर्श को गये तारे हैं.
रो रो के बुरा हाल सुध बुध खो बैठे,
बिछुड़ गये जिनके जान से प्यारे हैं.
जिगर का टुकड़ा माँ ने भेजा स्कूल में,
अफ़सोस घर लौट के न आये नजारें हैं.
रैना" उससे शिकायत भला कैसे करे कोई,
होनी ने तो अक्सर ऐसे कहर गुजारे है."रैना"

jal to jate magar

जल तो जाते मगर शमा जली ही नही,
खत्म होती कैसे जब बात चली ही नही.
महबूब की तलाश में हम भटकते रहे,
पैरों ने जिसे नापा न हो ऐसी गली ही नही.
ऐसा लगता था सिकर दोपहर ढल जाये,
ये करिश्मा कुदरत का शाम ढली ही नही.
रैना" इक ठोकर से दिल का घर ऐसा टूटा,
फिर इस घर में मोहब्बत तो पली ही नही."रैना"

रविवार, 1 जनवरी 2012

jan lok pal bil ko

लोकपाल बिल को पहनाने के लिए असली जामा,
जनता के सेवक नेतागन कर रहे कमाल का ड्रामा.
रामबिलास पासवान जहाँ डरपोक का रोल निभा रहे,
वही गुस्से में लाल पीले हो रहे मुलायम,लालू मामा.
प्रधानमंत्री जी तो गर्म गर्म पर मखन लगा रहे है,
जबकि दिग्विजय खुद को समझने लगे है ओबामा.
सोनिया मइया तो इशारों में ही इशारा मात्र  करती,
आ पैरों में गिर जाते बड़े बड़े धुरंधर पहलवान गामा.
"रैना"अब हमारे रहनुमा हो गये पूछ हिलाने में माहिर,
इसलिए जंगल में जा कर गुफा बैठ भज ले रामा रामा."रैना"


भीड़ बहुत है
फिर ???????????????
बंद करदो घर के दरवाजें,
क्योकि इस भीड़ में भेड़िये भी है."रैना"
सुप्रभात जी ..............good morning ji

bhid bahut hai

भीड़ बहुत है बंद करदो घर के दरवाजें,
 क्योकि इस भीड़ में भेड़िये भी है."रैना"
सुप्रभात जी ..............good morning ji