आज सुबह का विचार
मुझे अब कोई भी न और काम हो,
तेरे दीद की तलब जुबां तेरा नाम हो.
तेरे कहे बिन मैं कुछ कर नही सकता,
गर कुछ करू तो मेरा जीना हराम हो.
जी तो रहा हूँ सकून से है तेरी रहमत.
तमन्ना तेरे क़दमों में हसीन शाम हो.
मेरा मकसद तेरे बन्दों की खुशामद,
मुझे क्या लेना तुम रहीम हो के राम हो.
ऐ मेरे दोस्तों मेरे दिल में बसने वालो,
तुम्हे सुप्रभात गुड मोर्निग सलाम हो. "रैना"
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