हार किसी का इमान अब डोलने लगा है,
आइना भी अब तो झूठ बोलने लगा है.
बड़ो की इज्जत हमारी संस्कृति शान,
मगर बाप के सामने बेटा बोलने लगा है.
अब कुछ भी छुपाना मुमकिन नही है,
कम्प्यूटर सारे ही भेद खोलने लगा है.
"रैना" हुआ करता था बहुत इमानदार,
वक्त का तकाजा वो कम तोलने लगा है. "रैना"
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