मंगलवार, 4 अक्टूबर 2011

ambe rani

मैं  तो आया हूँ  तेरे द्वार,
ले के श्रदा सुमन अपार,
ओ अम्बे रानी कृपा करो 
ओ अम्बे रानी---------
मैं अज्ञानी माँ अंतर्यामी,
तीनों लोकों की है स्वामी,
मोहे बख्शो  अपना प्यार,
करो भाव सागर से पार.
ओ अम्बे रानी---------
भक्तों पे जब पीड़ा पड़ी है,
तुने विपदा दूर करी है,
अब मेरा भी कर दो उदार,
करू विनती बारम्बार.
ओ अम्बे रानी--------- "रैना"

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