गम मिले या ख़ुशी हमें कोई एतराज नही है,
किसी को घर से लोटाना अपना रिवाज नही है.
किसी की कमियां निकालना, तारीफ अपनी,
खुदा का शुक्र है ये भी तो अपना अंदाज नही है.
इक और भी है अपनी ये खासियत मेरे यारों,
अपने मासूम दिल पे किसी का राज नही है.
सच्ची बात कहने से मैं कभी भी नही चूकता,
इस मामले में अपने यहां कोई लिहाज नही है.
प्यार की गंगा बहा "रैना" करता दिलों पे राज,
बेशक उस अदना के सिर पे कोई ताज नही है."रैना"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें