sufi tadka
मंगलवार, 11 अक्टूबर 2011
mere ghar
मेरे घर आखिर कब तेरा आना होगा,
चिरागे उम्मीद कब तक जलाना होगा.
जरा सोचो जो बैठा है तेरी इंतजार में,
ये लाजिम तेरा आशिक दीवाना होगा."रैना"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें