सोमवार, 31 अक्टूबर 2011


वो पछ्ताये हमें अजमाने के बाद,
बहुत याद किया मेरे जाने के बाद.
 देखके हमें उनका चेहरा खिल उठा,
फिर बेसबब रोये मुस्कराने के बाद.
कायम रहे वैसे ही यादों के निशान,
वो मिटे नही दिल से मिटाने के बाद.
दिल के इक कोने से उठता रहा धुंआ,
उल्फत का चिराग बुझ जाने के बाद. "रैना"

pachhtayege vo

पछ्तायेगे वो हमें अजमाने के बाद,
बहुत याद करेगे मेरे जाने के बाद.
 देखके हमें उनका चेहरा खिल उठा,
फिर बेसबब रोये मुस्कराने के बाद.
कायम रहे वैसे ही यादों के निशान,
वो मिटे नही दिल से मिटाने के बाद.
दिल के इक कोने से उठता रहा धुंआ,
उल्फत का चिराग बुझ जाने के बाद. "रैना"


tujhe kaise

 दिल से तुझे  कैसे जुदा करदे,
मचले अरमानों से दगा करदे..
 कैसे.... भला कैसे............
बेशक अब तू दूर गैर  पराया है,
मगर धडकनों में तू समाया है,
जान से पहले सांसें विदा करदे.. 
 कैसे.... भला कैसे............
तू डोर है मैं फक्त हु पतंग तेरी,
तेरे सहारे से उड़ान हसरत मेरी,
और किसी पे दिल फ़िदा करदे..
 कैसे.... भला कैसे............"रैना"

रविवार, 30 अक्टूबर 2011


ਕਦੇ ਇਹ ਨਾਂ ਸੋਚੀ ਮਜਬੂਰੀ ਦੁਖੜੇ ਹੀ ਦੁਖੜੇ ਦੇਂਦੀ ਹੈ,
ਇਸ ਮਜਬੂਰੀ ਵਿਚੋ ਹੀ ਨਵੀ ਸੋਚ ਵੀ ਜਨਮ ਲੈਂਦੀ ਹੈ,
ਜੋ ਮਜਬੂਰ ਹੋਇਆ ਓਹ ਮਸ਼ਹੂਰ ਹੋਇਆ ਇਹ ਤਾ ਪੱਕੀ ਗੱਲ  ਸੱਜਣਾ,
ਬੇਸ਼ਕ ਜੋ ਤੁਰਦਾ ਹੈ ਓਹ  ਪਹੁੰਚਦਾ ਹੈ,ਅਜ ਨਹੀ ਤਾ ਕੱਲ  ਸੱਜਣਾ.,"ਰੈਨਾ"

ae na soch

ਕਦੇ ਏ ਸੋਚ ਮਜਬੂਰੀ ਦੁਖੜੇ ਹੀ ਦੁਖੜੇ ਦੇ ਦੀ ਹੈ,
ਇਸ ਮਜਬੂਰੀ ਵਿਚੋ ਹੀ ਨਵੀ ਸੋਚ ਜਨਮ ਲੈਦੀ ਹੈ, 
ਜੋ ਮਜਬੂਰ ਹੋਯਾ ਓ ਮਸ਼ਹੂਰ ਹੋਯਾ,ਏ ਤਾ ਪੱਕੀ ਗਲ ਸਾਜਨਾ,
ਬੇਸ਼ਕ ਜੋ ਤੁਰਦਾ ਹੈ ਓ ਪਹੁੰਚਦਾ ਹੈ,ਅਜ ਨਹੀ ਤਾ ਕਲ ਸਾਜਨਾ,"ਰੈਨਾ"

aadhar

बहन भाई बंधू रिश्तों का विस्तार,
पैसा ही प्यार वफा का है आधार, 
मतलबी संसार, मतलबी संसार,
यही है बेहतर उससे जोड़ ले तार.
मतलबी संसार----------------
यहां तो सब का इक  नेक इराधा है,
किससे कितना होने वाला फायदा है,
जितना होगा फायदा उतना ही प्यार.
मतलबी संसार----------------
हर किसी का अब पैसा ही आराध्य है,
कायम सब में मोहमाया का सम्राज्य है,
जैसे लगे मौका वैसे ही कर देते है वार.
मतलबी संसार----------------
अब परेशान दुखी तो वफादार खुद्धार है,
झूठे फरेबी की वाह वाह जय जयकार है,
देखो चांदी कूट रहे अब धोखेबाज गद्दार.
मतलबी संसार----------------
"रैना"अमनो चैन से जीने का तू ढंग कर ले,
तू जीवन में इबाबत का खालिश रंग भर ले, 
 कटे लाख चौरासी तेरा हो जायेगा उद्धार.
  मतलबी संसार---------------- "रैना"
सुप्रभात जी -------------------good morning ji 


शनिवार, 29 अक्टूबर 2011

chahe

चाहे हरपल नाराज हमे उदास रखता,
काश कोई अपने दिल के पास रखता,
फक्त उसे देखने को तरसती मेरी आँखे,
वो भी मेरे लिए तो दिल में प्यास रखता."रैना"

khiladi

मैं वो बदनसीब खिलाड़ी,
 जो खेल शुरू होने से पहले ही हार जाता हूँ."रैना"
मेरे होंठों पे खड़ा इक सवाल रहा है,
मैं रहा सलामत न मेरा ख्याल रहा है.
दूर सुनसान कोने से आती इक सदा, 
आशिकों का तो ऐसा ही हाल रहा है."रैना"



शुक्रवार, 28 अक्टूबर 2011

ve

ਭੁਲ ਕੇ ਵੀ ਕਿਸੇ ਦਾ ਦਿਲ ਨ ਦੁਖਾ ਵੇ,
ਦੁਖੀ ਦਿਲ ਦੀ ਆਹ ਤੈਨੂ ਕਰ੍ਦੁ ਤਬਾ ਵੇ.
ਕਢੇ ਆਪਣੀ ਕੀਤੀ ਤੇ ਪਛਤਾਨਾ ਪੈਦਾ ਏ,
ਕਿਸੇ ਦੇ ਹੰਜੁਆ ਦਾ ਮੁਲ ਤੇ ਚੁਕਾਨਾ ਪੈਦਾ ਏ."ਰੈਣਾ"   

sanso ki dori

सांसों की डोरी जब टूट जाएगी,
मोह माया यही सब छूट जाएगी,
साथ तेरे जायेगा साचा इक नाम,
मन से भज लें  सुबह और शाम,
राम राम राम श्याम श्याम श्याम 
.
मुख में राम तेरे  बगल में छुरी है,
यही तो गलत तेरी नीयत बुरी है,
बुरे काम का होता बुरा ही अंजाम.
मन से भज लें  सुबह और शाम,
राम राम राम श्याम श्याम श्याम.

भाई बंधू भगनी और सुत नारी,
ये तो मतलबी है दुनिया ही सारी,
साथ तेरे जब तक हाथों में दाम.

मन से भज लें  सुबह और शाम,
राम राम राम श्याम श्याम श्याम . "रैना"
सुप्रभात जी --------------good morning

गुरुवार, 27 अक्टूबर 2011

milne se phle

मेरे मुकद्दर कुछ ऐसे निकले है,
मिलने से पहले ही हम बिछुड़े है.
बेशक खुद को तो संभाला हमने,
वैसे कई बार टूट कर के बिखरे है.
 यूँ आतिशे गम ने जलाया हमको,
हम तो खरा सोना बन के निखरे है.
"रैना" फ़क्त कायम असूल अपने ,
बेशक लोग हर कदम पे फिसले है. "रैना"

aa ja pi le

दोस्तों की खास फरमाइश पर पेश है,
शेर 
जो नही पी तो गुमनाम है तू,
जो कम पी तो भी बदनाम है तू,
खूब पी मयखाने में पी हाते में पी,
आखिर चार दिनों का मेहमान है तू.
बुतखाने में सकूं मिलता है, मयखाने में मस्ती है,
सकूं मिलना मुश्किल यारा, मस्ती बड़ी ही सस्ती है.
आजा पी ले आजा पी ले पी ले------------
लाल परी को छूने से ही, मन की कली खिल जाती,
घूंट हलक से नीचे उतरे, गम से फुरसत मिल जाती.
आजा पी ले आजा पी ले पी ले------------ "रैना"

kisi ko

किसी को खबर क्या परवाना कितना तरसा है,
मसल्सल  इन आँखों से बादल कितना बरसा है."रैना"

बुधवार, 26 अक्टूबर 2011

magar maii

 मुझे अपने घर वो बुलाता रहा,
 मगर मैं ही बहाने बनाता रहा.
मुझे अपने घर वो----------- 
मुझ मुर्ख को समझाने के लिए,
नेक राह मुझे दिखाने के लिए,
उठाता कभी वो गिराता रहा,
मैं न समझा वो समझाता रहा.
मुझे अपने घर वो------------ 
उसने एहसान क्या कम है किया,
सब करने को समर्थ तन है दिया,
मैं तो मन को ऊँचा उडाता रहा,
बस ख्वाबों के महल बनाता रहा
मुझे अपने घर वो--------------" रैना"

uncha udne ki chah

ऊँचा उड़ने की मन में चाह अगर, पर औरों के तू काटना छोड़ दे,
तू मिट्टी है सोने का तुझको भ्रम, ये झूठा भ्रम अभी इसे तोड़ दे.
 ये झूठा भ्रम अभी इसे तोड़ दे._--------------------
देख आईने को मंद मंद मुस्काए है,तू मुसव्विर को अपने भूल गया,
इस अहम ने हर ली तेरी मती , बैठ मोहमाया के झूले में झूल गया,
मन मृग मरुस्थल में भटक रहा,अब भी वक्त है इस मन को तू मोड़ दे. 
ये झूठा भ्रम अभी इसे तोड़ दे------------------------       "रैना"
सुप्रभात जी ------------------------------------- good morning


sine me dard

सीने में इक दर्द लिए हम तो मर ही जायेगे,
यहाँ कोई सुनता नही उसको हाल सुनायेगे.
मुमकिन है मौत किसी की गम का सबब,
मेरे मरने पर वो इक आंसू भी न बहायेगे.
हमें तू गम देता रहा हमने मुहु नही खोला.
उसके पास हम तेरी शिकायत तो लगायेगे.
इश्क में रुतबा हासिल हो उम्मीद कम होती,
सोचे ताजमहल की वो तुर्बत भी न बनायेगे.
"रैना" का तुजर्बा है वो गुजर चूका उस दौर से,
बुत्तों से कुछ न हासिल उससे दिल लगायेगे.  "रैना"


मंगलवार, 25 अक्टूबर 2011

mubarkh diwali

उजालों में तबदील हो रात काली,
मुबारख दीवाली,मुबारख दीवाली.
मुबारख दीवाली.---------------
सारे जहान से अंधकार मिटाये,
अपने मन के घर में दीप जलाये..
चमन जब महके तो खुश हो माली.
मुबारख दीवाली.---------------
साथ ले सब को किसी को न छोड़े,
जो टूटे गये है अब वो धागे भी जोड़े,
अब की दीवाली तो हो कुछ निराली.
मुबारख दीवाली.---------------
"रैना" ने मालिक से अर्ज गुजारी,
सुख चैन से बसे ये दुनिया सारी,
ख़ुशी का पैगाम ले आये दीपाली.
मुबारख दीवाली.---------------"रैना"

ab to

अब तो हर किसी का चेहरा जर्द लगे है,
होंठ तो हंसते मगर दिल में दर्द लगे है.
खत्म नही होता यादों का सिलसिला,
फिर से आ गया हसीं मौसम सर्द लगे है.
बीच बाजार लुटी इक अबला की इज्जत,
इस बस्ती में अब बचा न कोई मर्द लगे है.
आहिंसा का पाठ पढ़ाने शिक्षा देने वाला,
अब वो भी हांथों में लिए घूमता कर्द लगे है.
महफ़िल में करता है दिले फिराग की बातें,
मगर "रैना" भी बड़ा तंगदिल बेदर्द लगे है. "रैना"

सोमवार, 24 अक्टूबर 2011

tujhe dil se juda

तुझे दिल से जुदा कैसे करदे,
भला हम ये खता कैसे करदे
इक तुझ पे फ़िदा है दिल मेरा,
किसी और पे फ़िदा कैसे करदे.
बड़ी मुशिकल से बसा घर मेरा,
हम बसी दुनिया फना कैसे करदे
"रैना"वो खफा है तो उसे रहने दो,
 इक इन्सान को खुदा कैसे करदे."रैना"

jame jindgi

जामे जिन्दगी जहर है पीना,
अपना जीना भी क्या जीना.
मिलेगा साहिल आस नही है,
मझदार में डोल रहा सफीना.
इन्सान ने सब सीख लिया है,
पर जीने का न आया करीना.
"रैना" खोल दिखा नही सकता,
फ़क्त जख्मों से छलनी है सीना."रैना"

iman dolne lga hai

हार किसी का इमान अब डोलने लगा है,
आइना भी अब तो झूठ बोलने लगा है.
बड़ो की इज्जत हमारी संस्कृति शान,
मगर बाप के सामने बेटा बोलने लगा है.
अब कुछ भी छुपाना मुमकिन नही है,
कम्प्यूटर सारे ही भेद खोलने लगा है.
"रैना" हुआ करता था बहुत इमानदार,
वक्त का तकाजा वो कम तोलने लगा है. "रैना"

रविवार, 23 अक्टूबर 2011

jla jarur

मैं भटका राहे मंजिल से चला जरूर था,
चिराग तूफां ने बुझा दिया जला जरूर था.
गुमां का खुमार चढ़ा कुछ होश ही न रही,
मैं भूल गया जो सूरज चढ़ा ढला जरूर था."रैना" 

jine ki tamnna

जीने की तमन्ना फिर भी मरना पड़ता है,
हालात से समझौता आखिर करना पड़ता है.
कोई भी मुकम्मल पूरा नही इस जहान में,
 किसी के क़दमों में तो सिर धरना पड़ता है.
बेशक बन जाते है कभी तो ऐसे भी हालात,
जो नही करना चाहते वो भी करना पड़ता है.
"रैना" सकून से जीना अब तो आसान नही है,
दिन में कई कई बार खुद से लड़ना पड़ता है."रैना" 

शनिवार, 22 अक्टूबर 2011

man ke mandir

जा के मन्दिर में घंटी बजाता है तू,
मन के मंदिर की घंटी बजाता नही,
सोये रब को जगाने की है सोचता,
क्यों खुद को तू पहले जगाता नही.
जा के मंदिर में औ जा के मंदिर में----
मुख चमके अति मिठ्ठी बाणी तेरी,
पर मन में तो तेरे है  कालस भरी,
तन रगड़े नहाये है तू प्रतिदिन,
पर मन की मैल को छुड़ाता नही.
जा के मंदिर में घटी बजाता है तू,
मन के मंदिर ------------------ "रैना"
सुप्रभात जी ------------good morning

शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2011

gaum ya khshi se

गम मिले या ख़ुशी हमें कोई  एतराज नही है,
किसी को घर से लोटाना अपना रिवाज नही है.
किसी की कमियां निकालना, तारीफ अपनी,
खुदा का शुक्र है ये भी तो अपना अंदाज नही है.
इक और भी  है अपनी ये खासियत मेरे यारों,
अपने  मासूम दिल पे किसी का राज नही है.
सच्ची बात कहने से मैं कभी भी नही चूकता,
इस मामले में अपने यहां कोई लिहाज नही है.
प्यार की गंगा बहा "रैना" करता दिलों पे राज,
बेशक उस अदना के सिर पे कोई ताज नही है."रैना"

mujhe koi kam ho

आज सुबह का विचार
मुझे अब  कोई भी न और काम हो,
तेरे दीद की तलब जुबां तेरा नाम हो.
तेरे कहे बिन मैं कुछ कर नही सकता,
गर कुछ करू तो मेरा जीना हराम हो.
जी तो रहा हूँ सकून से है तेरी रहमत.
तमन्ना तेरे क़दमों में हसीन शाम हो.
मेरा मकसद तेरे बन्दों की खुशामद,
मुझे क्या लेना तुम रहीम हो के राम हो.
ऐ मेरे दोस्तों मेरे दिल में बसने वालो,
तुम्हे सुप्रभात गुड मोर्निग सलाम हो. "रैना" 

बुधवार, 19 अक्टूबर 2011

बेशक रहे मसरूफ़ वक्त से सब काम कीये जाये,
मगर पल दो पल उसके लिए निकल लीये जाये.
सुप्रभात जी -------------good morning "raina"


अरावली अरावली अरावली,अरावली,
शान औ पहचान है मेरे राजस्थान की.
अरावली अरावली अरावली पर्वत अरावली--------
सीना ताने है खड़ा,
परोपकारी है बड़ा,
सुख समृद्धि हरियाली का,
प्रतीक है खुशहाली का,
खनिज पदार्थों की खान है,
विश्व प्रसिद्ध महान है,
इसकी तारीफ करने में कम पड़ जाये शब्दावली.
अरावली अरावली अरावली पर्वत अरावली------
बेशक हमने नही जाना है,
अरावली सुखों का खजाना है,
कुदरत का अदभुत नजराना है.
हमे खुद को ये समझाना है,
ये जीवन रेखा जोड़े है,
किसी को न भूखा छोड़े है,
तभी बरसे है छम छम पानी,
खुशहाल बनी हर जिंदगानी,
कुछ बदले में है नही लेता,
खाना किसी को छत देता,
किसी घर में ईद मिलन किसी के घर में दीपावली.
अरावली अरावली अरावली पर्वत अरावली------
हम सोये है कहने को जागे,
 दोहन इसका करने में लागे,
इतना न हमको घ्यान है,
इसमें में अपना नुकसान है,
कैसे जीवन सुखी बनाये गे,
अरावली मिटा तो हम मिट जायेगे,
आओं अपने लिए कुछ काम करे,
अरावली को देव समझ प्रणाम करे,
"अनन्या"समझ नही आ रही काये दुनिया हुई बावली.
अरावली अरावली अरावली पर्वत अरावली------


अरावली अरावली अरावली,अरावली,
शान औ पहचान है मेरे राजस्थान की.
अरावली अरावली अरावली पर्वत अरावली--------
सीना ताने है खड़ा, 
परोपकारी है बड़ा,
सुख समृद्धि हरियाली का,
प्रतीक है खुशहाली का,
खनिज पदार्थों की खान है,
विश्व प्रसिद्ध महान है,
इसकी तारीफ करने में कम पड़ जाये शब्दावली.
अरावली अरावली अरावली पर्वत अरावली------
बेशक हमने नही जाना है,
अरावली सुखों का खजाना है,
कुदरत का अदभुत नजराना है.
हमे खुद को ये समझाना है,
ये जीवन रेखा जोड़े है,
किसी को न भूखा छोड़े है,
तभी बरसे है छम छम पानी,
खुशहाल बनी हर जिंदगानी,
कुछ बदले में है नही लेता,
किसी को खाना किसी को छत देता,
किसी घर में होता ईद मिलन किसी के घर में दीपावली.



अरावली अरावली अरावली,अरावली,
शान औ पहचान है मेरे राजस्थान की.
अरावली अरावली अरावली पर्वत अरावली--------
सीना ताने है खड़ा, 
परोपकारी है बड़ा,
सुख समृद्धि हरियाली का,
प्रतीक है खुशहाली का,
खनिज पदार्थों की खान है,
विश्व प्रसिद्ध महान है,
इसकी तारीफ करने में कम पड़ जाये शब्दावली.
अरावली अरावली अरावली पर्वत अरावली------
हम सोये है कहने को जागे,
 दोहन इसका करने में लागे,
इतना न हमको घ्यान है,
इसमें में अपना नुकसान है,
कैसे जीवन सुखी बनाये गे,
अरावली मिटा तो हम मिट जायेगे,
आओं अपने लिए कुछ काम करे,
अरावली को देव समझ प्रणाम करे,
"अनन्या"समझ नही आ रही काये दुनिया हुई बावली.
अरावली अरावली अरावली पर्वत अरावली------

jab se tere ghar

जब से तेरे घर में आने लगे है,
ये लोग तो बातें बनाने लगे है.
नादाँ समझे न मर्जे इश्क को,
आशिक को बुत सताने लगे है.
नसीब न हर किसी को इबादत,
मनाने में उसको जमाने लगे है.
रैना" को उससे जुदा करने वाले,
देखो तो वो अब पछताने लगे है."रैना"

duaa

गर बददुआ न होती तो क्या दुआ होती,
रात न होती तो दिन की कद्र क्या होती."रैना"

मंगलवार, 18 अक्टूबर 2011

ye jahan wale

तंगदिल ये जहाँ वाले कुछ करने नही देते,
जीये तो एतराज है चैन से मरने नही देते,
 सोचता हूँ अजमा लूँ बाजुओ की ताकत,
अरमान तो मचलते हौसले लड़ने नही देते."रैना"



सोमवार, 17 अक्टूबर 2011

diwane ham hai

दीवाने हम है मगर इतना भी दम रखते है,
वो हमे भूलाने लगे तो हम भी भूल सकते है.
प्यार मोहब्बत की रस्में जब कोई यूँ तोड़ दे,
तन्हा हम क्यों रोये जब वो बज्म  में हंसते है.
अडिग कायम है वादे पे हमे मरना मंजूर है,
कैसे सूली पे लटके जब वो ही पीछे हटते है.
"रैना" ये कर युग है जैसी करनी वैसी भरनी,
जन्नत नसीब उन्हें जो शान से जीते मरते है. "रैना"

शनिवार, 15 अक्टूबर 2011


खुद को गिलासों में क्यों डूबा रहे हो,
यूँ अपनी हस्ती को क्यों मिटा रहे हो,
ये जिन्दगी तो है इक हसीन तराना,
बेवजह बेसुरा राग तुम क्यों गा रहे हो. "रैना"

gilason

खुद को गिलासों में क्यों डूबा रहे हो,
यूँ अपनी हस्ती को क्यों मिटा रहे हो,
ये जिन्दगी तो है इक हसीन तराना,
बेवजह बेसुरा राग क्यों बजा रहे हो. "रैना"

अपनी हस्ती को मिटाने के लिए,
अब क्या करू उसे भुलाने के लिए.
मैंने उनको है दिल के करीब रखा, 
मुझे तन्हा छोड़ गये जमाने के लिए. "रैना"

tute ptte

गमों से समझोता निरंतर आगे बढना,
छोड़ दो टूटे पत्ते इकठ्ठे करना."रैना"
सुप्रभात जी ------------good morning ji  

apni hasti

अपनी हस्ती को मिटाने के लिए,
अब क्या करू उसे भुलाने के लिए.
मैंने उनको है दिल के करीब रखा,
वो छोड़ गये मुझे जमाने के लिए. "रैना"

kitni bar

मैं कितनी बार टूटा हूँ बता नही सकता,
दिल की बिगड़ी सूरत दिखा नही सकता.
जन्नत के महलों  का ख्वाब टूट गया है,
अब मैं जमीन पे मकां बना नही सकता .

गुरुवार, 13 अक्टूबर 2011

bachpanki yade


जीवन की सीढ़ी चढ़ते  जा रहे है,
गुजरे कुछ पल तो धुंधला रहे है,
भूलते जा रहे है वो कसमें वादें,
मगर तरोताजा बचपन की यादें,
बचपन की यादे,यादें बचपन की,
धरोहर मन की ,धरोहर मन की.
यादें बचपन ------------
गीली डंडा खेलना ,कंचें फोड़ना,
बाग में धुस के,आम चोरी तोडना,
स्कूल से भाग जाना, तालाब में नहाना,
माँ को गुस्सा आये.पकड कान से लाये ,
खूब डंटे फटकारे,ममता की मार मारे,
जब गुस्सा ढल जाये,पास अपने बैठाये,
कूट चूरी खिलाये,गंगा प्यार की बहाये
यादें बचपन ------------
जीवन के सुनहरी वो पल नही भूले,
लुक्का छिपी का खेल सावन के झूले,
बरसी सावन की फुहार, सिर पे भूत सवार, 
सुझाव सब बेकार, दिये कपड़े उतार,
फिर जम के नहाना,चक्कर गलियों के लगाना,
माँ ने बहुत घबराना,बुखार होगा समझना,
जब  जोर से मैं छींका,माँ कहे लगे टीका
माँ के गले लग जाना,माँ न टीका लगवाना.
यादें बचपन ------------
बचपन की याद अब जब आये,
मुरझाया  मेरा चेहरा खिल जाये,
तब थी जीवन की मस्त अदाये,
अब तो जिन्दगी बोझ बनी जाये,
चलचित्र जैसे घूमता गुजरा जमाना,
तब मैं था अपना अब हूँ बेगाना,
बेशक बड़ा मैं हो गया सयाना,
मगर बन गया गम का अफसाना,
सोचता हु पैरों पे खड़ा न होता,
काश बच्चा ही रहता बड़ा न होता.
यादें बचपन ------------"रैना"








bachapan

जीवन की सीढ़ी चरते जा रहे है,
गुजरे कुछ पल तो धुंधला रहे है,
भूलते जा रहे है वो कसमें वादें,
मगर तरोताजा बचपन की यादें,
बचपन की यादे,यादें बचपन की,
धरोहर मन की ,धरोहर मन की.
यादें बचपन ------------
गीली डंडा खेलना ,कंचें फोड़ना,
बाग में धुस के,आम चोरी तोडना,
स्कूल से भाग जाना, तालाब में नहाना,
माँ को गुस्सा आये.पकड कान से लाये ,
खूब डंटे फटकारे,ममता की मार मारे,
जब गुस्स्सा ढल जाये,पास अपने बैठाये,
कूट चूरी खिलाये,गंगा प्यार की बहाये
यादें बचपन ------------

apne hal

अपनी ही बेबसी पे मुझे तरस आ रहा है,
इस दिल क्या करे हमे पागल बना रहा है,
मेरे दिल की  देखिये तो बड़ी ऊँची उडान है,
हिमालय की छोटी से जा के टकरा रहा है.."रैना"

बुधवार, 12 अक्टूबर 2011

mere pas

मेरे पास कुछ भी नही खोने के लिए,
मैं तो यहाँ आया हूँ कुछ पाने के लिए.
अपने लिए तो कुछ करना है बेहतर,
मगर कुछ करना जरुरी जमाने के लिए."रैना"


maksad

जिन्दगी का इक भी पल बेवजह नही खोना चाहिए,
बशर्ते हमारे जीने का कोई मकसद तो होना चाहिए."रैना"
सुप्रभात---------------------good morning jiiiiiiiiiiiii

मंगलवार, 11 अक्टूबर 2011

mere ghar

मेरे  घर आखिर कब तेरा आना होगा,
चिरागे उम्मीद कब तक जलाना होगा.
जरा सोचो जो बैठा है तेरी इंतजार में,
ये लाजिम तेरा आशिक दीवाना होगा."रैना"
  

harpal

हरपल मरने की बात न कीजिये,
जिन्दगी चार दिन की है अभी दो दिन हुए है."रैना"
सुप्रभात---------------good morning ji

jagjit singh

श्रदांजली 
वाह वाह जगजीत सिंह, 
वाह वाह जगजीत सिंह,  
गजल  सम्राट औ किंग,
अच्छा नही लगा तेरा जाना,
दुखी गमगीन सारा जमाना,
महकता चमन हो गया वीराना,
तुझ सा गजल गायक फिर न आना.
वाह वाह जगजीत सिंह,
वाह वाह जगजीत सिंह,
कागज की कश्ती बरसात का पानी,
अधूरी रह गई वो बीच में ही कहानी,
बेशक ये सारी दुनिया है आनी जानी,
पर कायम रहेगी तेरी आवाज निशानी.

वाह वाह जगजीत सिंह,
वाह वाह जगजीत सिंह,
मखमली आवाज तेरी रूह में उतरती,
खून के साथ हो  रोम रोम से गुजरती,
तेरी आवाज से ही तो गजल संवरती,
दिल में ख़ुशी कभी गम का रंग भारती.

वाह वाह जगजीत सिंह,
वाह वाह जगजीत सिंह,
तुझे याद करना तो अब "रैना" का काम है,
आवाज के जादूगर तुझे आखिरी सलाम है,
जगजीत दुनिया में तेरा अमर हुआ नाम है,
मगर तेरे जाने का हमे भारी गम तमाम है.


वाह वाह जगजीत सिंह,
वाह वाह जगजीत सिंह,




रविवार, 9 अक्टूबर 2011

ye hawa

ये हवा भी खूब है,
 पहले चिराग को जलाती है,
फिर थपेड़े मार मार के बुझाती है.
क्या हवा चिराग की हिम्मत अजमाती है,
या उसे बुझ बुझ कर जलना सिखाती है.
मगर इन दोनों की कहानी कुछ और ही बताती है,
वो इक अदृश्य शक्ति ही बुझाती जलाती है,
इन्सान को बार बार यही समझाती है,
बुझ बुझ के जलना है, गिर गिर के संभलना है,
मगर मकसद नही बदलना है.
यही तो हवा और चिराग का सन्देश है.
वो ही आदि अंत और शेष है---------------- "रैना" 

asar ulfat ka

असर उल्फत का कम नही होता,
आशिक मर के भी बेदम नही होता.
खुदा ने बख्शी है तौफिक ही ऐसी,
गम में रह के भी गम नही होता.
कोई तो मज़बूरी जरुर रही होगी,
वर्ना कोई बेवफा सनम नही होता.
आशिक मरते नही है अमर होते,
सुना उनका दोबारा जन्म नही होता.
वो औरों पे करते नजरे इनायत,
मगर उनका"रैना"पे कर्म नही होता. "रैना"

शनिवार, 8 अक्टूबर 2011

sukha patta

मैं हूँ सूखा पत्ता हवा उड़ा ले जायेगी,
जो न उड़ा तो निश्चित मिट्टी खायेगी,
मिट जायेगा मेरे साथ मेरा वजूद भी,
अफ़सोस किसी को न मेरी याद आयेगी.

शुक्रवार, 7 अक्टूबर 2011

tuta dil

 ये दिल टूट गया मेरा,फिर भी न उससे रूठे है,
अपुन का दिल ही टुटा है लोगों के घर भी टूटे है.
खतावर कैसे उसे कह दूँ है सारा खेल नसीबों का,
ये  मोती टूट कर बिखरे,"रैना" के भाग्य ही फूटे है.

गुरुवार, 6 अक्टूबर 2011

khud se

खुद से न इस कदर  धोखा कीजिये,
अपने बारे में भी कभी सोचा कीजिये.
इन ख्वाइशो की बड़ी लम्बी कतार है,
दिल की उडान को जरा रोका कीजिये.
सिर पर भार है किसी के एहसान का,
अपने हाल का भी कभी मौका कीजिये.
पते की बात का लोग मान जाते बुरा,
अपना हो गैर किसी को न टोका कीजिये."रैना"
सुप्रभात -----------good morning ji 

mere shahar ke kuchh log


आज की हालत पर खास पेशकश

गरीब,मजलूम, मजबूर पे, खूब भड़ास निकालते,
मगर  प्यार करने के लिए, कुत्ते का बच्चा पालते.
मेरे शहर के कुछ लोग,मेरे शहर के कुछ लोग-----

सिर्फ वक्ता ढोंगी बाबा पे तो सब  कर दिया निसार,
मगर दर पे आये भिखारी को भीख भी नही डालते.
मेरे शहर के कुछ लोग,मेरे शहर के कुछ लोग-----

इस दुनिया पैसे की मंडी में हर शै बिकाऊ हो गई,
मतलब की खातिरदारी,माँ बाप को भी न सँभालते
मेरे शहर के कुछ लोग,मेरे शहर के कुछ लोग-----

सच लोकतंत्र की ताकत वोट ही  कारगर हथियार है,
मगर शराब पी पैसे ले बिना सोचे समझे वोट डालते.
मेरे शहर के कुछ लोग,मेरे शहर के कुछ लोग-----

पढ़ने  लिखने के नाम पर संस्कृति पे वर कर दिया,
अब तो बिच बाजार में देश की पगड़ी है उछालते.
मेरे शहर के कुछ लोग,मेरे शहर के कुछ लोग-----

"रैना" जैसे इस शहर में गद्दार भी तो बहुत हो गये,
कुछ मसरूफ दिल पे लगे इश्क के कांटे  निकालते.
मेरे शहर के कुछ लोग,मेरे शहर के कुछ लोग-----"रैना"

grib majloom

गरीब,मजलूम, मजबूर पे, खूब भड़ास निकालते, 
मगर  प्यार करने के लिए, कुत्ते का बच्चा पालते.
मेरे शहर के कुछ लोग,मेरे शहर के कुछ लोग-----
सिर्फ वक्ता ढोंगी बाबा पे तो सब  कर दिया निसार,
मगर दर पे आये भिखारी को भीख भी नही डालते.
मेरे शहर के कुछ लोग,मेरे शहर के कुछ लोग-----
इस दुनिया पैसे की मंडी में हर शै बिकाऊ हो गई,
लोकतंत्र की ताकत वोट ही  कारगर हथियार है,
मगर शराब पी पैसे ले बिना समझे वोट डालते.
मेरे शहर के कुछ लोग,मेरे शहर के कुछ लोग-----
वो त्याग,प्यार  माँ बाप का, भूल जाते है तमाम, 
बड़ी बेदर्दी बेरहमी से माँ बाप को घर से निकालते. 
मेरे शहर के कुछ लोग,मेरे शहर के कुछ लोग-----

suraj

चढ़ते सूरज को सलाम डूबते को अलविदा कहते लोग,
कोन है कितने पानी में,अब तो  यही नापते रहते लोग
दुःख देने में काफी माहिर,कभी सुख की बात नही करते, 
चोर उच्चकों का कहर अब तो चुपचाप मजे में सहते लोग."रैना"
चढ़ाते सूरज को सलाम डूबते को अलविदा कहते लोग,
कोन है कितने पानी में,अब तो  यही नापते रहते लोग
दुःख देने में काफी माहिर,कभी सुख की बात नही करते, 
 कहर चोर उच्चकों का  अब तो चुपचाप ही है सहते लोग."रैना"

suraj

चढ़ाते सूरज को सलाम डूबते को अलविदा कहते लोग,
कोन है कितने पानी में,अब तो  यही नापते रहते लोग
दुःख देने में काफी माहिर,कभी सुख की बात नही करते, 
 कहर चोर उच्चकों का  अब तो चुपचाप ही है सहते लोग."रैना"

बुधवार, 5 अक्टूबर 2011

lut kar

ले गया कोई मेरा घर लूट कर, 
तन्हा बैठ रोये हम फूट फूट कर.
मिट्टी में मिले न रहा कोई वजूद,
आसमान से गिरा है तारा टूट कर,
आईने को  टूटने से बचाये तो कैसे,
जा गिरा है फर्श पे हाथों से छूट कर.
"रैना"को दोस्तों ये ही ख़ुशी तमाम,
आबाद हो गया कोई हमे लूट कर."रैना"

gaum

विजय दशमी की शुभकानाए 
कुछ पाने के लिए सिर झुकाना ही पड़ता है,_रावण"

जिन्दगी क्या है,क्यों है जान लिया जाये,
इन्सान के  माफिक हर काम किया जाये,
वो खफा हरगिज नही जो खुशी न दे पाये,
मगर भूल कर किसी को गम न दिया जाये."रैना"
सुप्रभात  ---------good morning 

jalte

जलते चिरागों से लौ चुराने का फन हुस्न वालो को आता है."रैना"

pagal

लोग कहते है इश्क की गली से मत गुजरना,
मगर इन पागल आशिकों को देखिये,
 उसी गली में घर बनाये बैठे है. "रैना"

मंगलवार, 4 अक्टूबर 2011

jam ke bhane

जाम के बहाने जहर पिला  दिया जायेगा,
खबर न होगी  कारवां लुट लिया जायेगा.
ओ दूर के मुसाफिर जरा संभल के चलना,
तुझ पे वार अक्सर पीछे से किया जायेगा. "रैना" 

ambe rani

मैं  तो आया हूँ  तेरे द्वार,
ले के श्रदा सुमन अपार,
ओ अम्बे रानी कृपा करो 
ओ अम्बे रानी---------
मैं अज्ञानी माँ अंतर्यामी,
तीनों लोकों की है स्वामी,
मोहे बख्शो  अपना प्यार,
करो भाव सागर से पार.
ओ अम्बे रानी---------
भक्तों पे जब पीड़ा पड़ी है,
तुने विपदा दूर करी है,
अब मेरा भी कर दो उदार,
करू विनती बारम्बार.
ओ अम्बे रानी--------- "रैना"

सोमवार, 3 अक्टूबर 2011

sitare

महफ़िल से अब वो नजारें चले गये,
दुःख सुख बाटतें थे प्यारे चले गये.
दूसरों के सुख के खातिर जंगल में,
दशरथ की आँखों  के तारें चले गये.
मेरे दर्दे दिल की वो सुने नही सदा,
फिर भी उन्हें निरंतर पुकारे चले गये.
हादसे ने छीना है बूढ़े की लाठी को,
बिलखे रोये बाप मेरे सहारे चले गये.
दिन निकला तो सारा आलम बदला,
अर्श तन्हा छोड़ के सितारें  चले गये.
यूँ किस्मत ने हमे कई बार धोखा दिया,
फिर भी हम तो जिन्दगी सवारें चले गये.
"रैना" अब तो मिलने की आश छोड़ दी,
हम से रूठ के दूर  दोस्त हमारे चले गये.
राजिंदर "रैना"

naiya

जय  माँ अम्बे 
मोरी  डोल रही है नेइया,
अब आके संभालो मइया.
दूर दूर तक नजर न आये,
 संगी साथी बहना भेइया.
मोरी डोल रही है--------
टूट गये है अम्बे रानी,जो भी सजाये सपने थे,
मुख फेर कर चले गये है,जो भी मेरे अपने थे,
गम अब आकर मेरे घर में,करते ता था थेइया.
मोरी डोल रही है--------
चमक रहा जो आसमान पे,टूट गया वो तारा है,
बदल गये है मंजर सारे,बदल गया वो नजारा है,
तेरी बस  इक लगन लगी है,रख लो लाज रखेया.
मोरी डोल रही है--------

lakhte jigar

अब न रही आस कोई,
दूर हो गया खास कोई.
लख्ते जिगर  दगाबाज,
किस पे  करे विश्वास कोई. "रैना"

रविवार, 2 अक्टूबर 2011

nmi

मेरे आस पास कमी रहती है,
अक्सर आँखों में नमी रहती है.
हर रोज पिगलाने की सोचता हूँ,
मगर फिर भी बर्फ जमी रहती है.
जुबान खोलते तो जरुर है मगर,
बात दिल की दिल में दबी रहती है."
रैना" तन्हाई को मोहब्बत हम से,
तभी मेरे आस पास बनी रहती है."रैना"

kmi

मेरे आस पास कमी रहती है,
अक्सर आँखों में नमी रहती है.
हर रोज पिगलाने की सोचता हूँ,
मगर फिर भी बर्फ जमी रहती है.
जुबान खोलता तो जरुर हूँ मगर,
दिल की बात दिल में दबी रहती है.
"रैना"को तन्हाई से मोहब्बत है,
तभी मेरे आस पास बनी रहती है."रैना"

makan

"रैना" बेशक तू  खाली मकां छोड़ जा,
मगर उसमें कोई अपना निशां छोड़ जा."रैना"

chand lamhe

चंद लम्हे ये जिन्दगी यूं ही न बरबाद करना,
कोशिश कर ख्वाबों का शहर आबाद करना.
यहां कोई नही तेरी सुनने वाला मेरे दोस्त,
बुतों के सामने रो रो के न फरियाद करना.
किसी अच्छे काम पे दिल कों लगाये रखना,
इश्क के चक्कर में जीवन न बेस्वाद करना.
जिसने तुझे बख्सी है ये हसीन जिन्दगी,
फुरसत निकाल चार घड़ी उसे याद करना.
"रैना" तो सिर्फ तेरी ही तलब में गुजारेगा,
मत भूलना याद चाहे चार दिन बाद करना. "रैना"

kissa

बेशक उसने हमको  बदनाम कर दिया,
मगर इक गुमनाम को सरेआम कर दिया,
वैसे हम तो अब भी आस लगाये बैठे है,
सुना है उसने किस्सा ही तमाम कर दिया.    “Raina”

शनिवार, 1 अक्टूबर 2011

tanha

दुनिया से बेखबर तन्हा जीता हूँ 
कई बार हारा इक बार न जीता हूँ,
अब तो खुद से भी डरने लगा हूँ,
छाछ को भी फूंक मार के पीता हूँ. "रैना"

sukh

सूख चुके है मेरी आँखों के कुए,
गम या ख़ुशी में पानी नही छलकता."रैना"

yad

 तेरी याद का सिलसिला खत्म  नही होता,
आठो पहर आती है,फिर भी बाकी रह जाती है."रैना"

is ka

इस का क्या करे बेदर्द याद कभी भी चली आती है."रैना"                                                                            

jindgi

जिन्दगी का हर लम्हा खुबसूरत है,
मन में जब से बसी उसकी सूरत है,
हरपल तलब है उसके दीदार की,
ये इंतजार कब होना शुभ महूर्त है,