sufi tadka
शनिवार, 24 मार्च 2012
unke didar ki talb hai
दीद की तलब है,
नींद अब तो न आ......."रैना"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें