मंगलवार, 6 मार्च 2012

jab bhi mile fursat

अपने घर से बाहर देश प्रदेश रहने वालों के लिए इक खास गीत,
जब मिले फुरसत,माँ को याद कर लेना,
तन्हा बैठ रब से भी,फरियाद कर लेना.
माँ को याद............
भूल न जाना गाँव की यादें सजाये रखना,
मिट्टी की ख़ुश्बू सांसों में  बसाये रखना,
अपनी विरासत न कही बरबाद कर लेना.
माँ को याद............
तू इतना याद रखना घर में बीवी बैठी है,
दर्दो गम में डूबी हिज्र की पीड़ा सहती है,
भूल के उसको न नया घर आबाद कर लेना.
माँ को याद.........................................................."रैना"

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