sufi tadka
सोमवार, 19 मार्च 2012
thak gye
गम न करे होना निश्चित है,
हो गा क्या जाने कुदरत है.
उसको न कभी भी दुःख होता,
जिसको उससे मोहब्बत है
अपने बारे में सब सोचे,
औरों की सोच इबादत है.
"रैना" तेरा आशिक होता,
अपनी तो ये अब हसरत है...."रैना"
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