सदन में दो पक्षों में खिची तलवार है,
मगर ये तय होना जनता पे वार है.
किससे करे शिकायत बदहाली की,
यहाँ की तो सारी व्यवस्था बीमार है.
आफिस में तैनात राजनीतक लोग,
सोमवार को भी यहाँ लगे रविवार है.
लोकतंत्र की नींव कर दी है कमजोर,
कैंसर जैसे फैली बीमारी भ्रष्टाचार है.
जिसके हाथ में लाठी वो भैंस ले गया,
खून के आंसू पीता गरीब लाचार है.
ये क्या हुआ राम रहीम के देश को,
भूखा मरे"रैना" इमानदार वफादार है.................."रैना"
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