आफिस में किसी की तरक्की हो माथा न पीटिये,
मेहनत मशक्त को छोड़ बस दूम हिलाना सीखिये.
बेशक अब इस दुनिया का बदल गया अन्दाज है,
खास कर भारत में अब दूम हिलाने वालो का राज है.
देखिये यहां के नेतागण इस अंदाज से दूम हिलाते है,
दंडवत प्रणाम करे बोस को एक टांग पे खड़े हो जाते है.
मानव की हिलती पूंछ देख कर कुत्ते शरमाने लगे है,
इसलिए बहुत से कुत्ते अपनी पूंछ ही कटवाने लगे है........"रैना"
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