उजली राहों पे अन्धेरा हो सकता,
दोस्त भी तो दुश्मन तेरा हो सकता.
घर महल बनाये लोगों ने रहने को,
बेशक दिल में रैन बसेरा हो सकता.
जो अब तेरा लख्ते जिगर प्यारा है,
वो तो कल हमदम मेरा हो सकता.
"रैना" सोचा कर तू तन्हा फुरसत में,
उसका न हुआ वो क्या तेरा हो सकता..........."रैना"
दोस्त भी तो दुश्मन तेरा हो सकता.
घर महल बनाये लोगों ने रहने को,
बेशक दिल में रैन बसेरा हो सकता.
जो अब तेरा लख्ते जिगर प्यारा है,
वो तो कल हमदम मेरा हो सकता.
"रैना" सोचा कर तू तन्हा फुरसत में,
उसका न हुआ वो क्या तेरा हो सकता..........."रैना"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें