दोहा ----
आज के इस संसार में सच जाने न कोये,
झूठी साची कछू कहे चुगल कहे सो होये,
आफिस में मौज करे बोस का है गुलाम,
कपटी दुष्ट इंसान को "रैना" का प्रणाम.
भ्रात श्री चुगल खोर की जय.............
आज के इस संसार में सच जाने न कोये,
झूठी साची कछू कहे चुगल कहे सो होये,
आफिस में मौज करे बोस का है गुलाम,
कपटी दुष्ट इंसान को "रैना" का प्रणाम.
भ्रात श्री चुगल खोर की जय.............
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