नारी शक्ति महान है,
इससे रोशन जहान है.
है अंश आदि शक्ति का,
हर गुण विद्यामान है.
बेशक माँ बहन बेटी तू,
हर रूप में सुख देती तू,
प्यार प्रेम की भूखी है,
बदले में कुछ न लेती तू.
तेरे दम से ये बहार है,
करती जग विस्तार है,
हर पीड़ा को सह लेती,
तुझ में सहन शक्ति आपार है.
नारी तू सुखो की खान है,
ये पुरुष फिर भी अज्ञान है,
वास्तव में जिसकी हक़दार तू,
तुझे मिलता न वो सम्मान है.
"रैना"कहने में संकोच नही करता,
हर नारी माँ दुर्गा के दर्शन करता,
इस में कोई शक नही है यारो,
तभी सफलता की सीढ़ी जाये चढ़ता."रैना"
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