धरती माँ का कर्ज चुकाया जा नही सकता,
माँ की तपस्या को भुलाया जा नही सकता.
माँ की मेहरबानी जो रोशन जहान देखा,
वरना क्या खबर कहाँ होते,
जहां जा सकती नही सोच भी,
बेशक हम तो फिर वहां होते.
एहसान हम पे तेरा मेरी माँ,
जो देखा मैंने सवेरा मेरी माँ.
एहसान हम पे ...................
नौ मास पेट में रख के पाला है,
जन्मा फिर बड़े प्यार से सम्भाला है,
दूर कर दिया तूने अँधेरा मेरी माँ.
एहसान हम पे ...................
मेरे खातिर हर दुःख सह लिया तूने,
हर आफत से बचा के बड़ा किया तूने,
पल पल रखा ख्याल मेरा मेरी माँ.
एहसान हम पे ..................."रैना"
सुप्रभात जी ...............good morning
माँ की तपस्या को भुलाया जा नही सकता.
माँ की मेहरबानी जो रोशन जहान देखा,
वरना क्या खबर कहाँ होते,
जहां जा सकती नही सोच भी,
बेशक हम तो फिर वहां होते.
एहसान हम पे तेरा मेरी माँ,
जो देखा मैंने सवेरा मेरी माँ.
एहसान हम पे ...................
नौ मास पेट में रख के पाला है,
जन्मा फिर बड़े प्यार से सम्भाला है,
दूर कर दिया तूने अँधेरा मेरी माँ.
एहसान हम पे ...................
मेरे खातिर हर दुःख सह लिया तूने,
हर आफत से बचा के बड़ा किया तूने,
पल पल रखा ख्याल मेरा मेरी माँ.
एहसान हम पे ..................."रैना"
सुप्रभात जी ...............good morning
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