गुरुवार, 29 मार्च 2012

mai tujh se mohbbt

मैं तुझसे मोहब्बत करता,
हरपल फकत इबादत करता.
आँख मुसीबत की जड़ होती,
भोला दिल न शरारत करता......"रैना"

bhukha mre

सदन में दो पक्षों में खिची तलवार है,
मगर ये तय होना जनता पे वार है.
किससे करे शिकायत  बदहाली की,
यहाँ की तो सारी व्यवस्था बीमार है.
आफिस में तैनात राजनीतक लोग,
सोमवार को भी यहाँ लगे रविवार है.
लोकतंत्र की नींव कर दी है कमजोर,
कैंसर जैसे फैली बीमारी भ्रष्टाचार है.
जिसके हाथ में लाठी वो भैंस ले गया,
खून के आंसू पीता गरीब लाचार है. 
 ये क्या हुआ राम रहीम के देश को,
भूखा मरे"रैना" इमानदार वफादार है.................."रैना"

khushi se hai mera

खुश रहना मेरी फितरत में,
रोना मुझको आता ही नही."रैना"

yo kissa sa

सर जी आप ने जो किस्सा सुनाया था कुछ इस तरह लिख रहू क्या ठीक है,
 जिस्म था टुकड़े टुकड़े करेया
धर्मं प्रेमी हंस हंस कै मरेया,
देश धर्म कै खातिर मरना होवे ठाट का,
यो किस्सा स धर्मी वीर गोकल जाट का.
रै रै यो किस्सा स..........................

chaman ae dil

चमन ए दिल में तो सूखा है,
फिर भी आँखों में सीलन है........"रैना"

बुधवार, 28 मार्च 2012

isko hi kismat


सदन में सांसदों ने अन्ना  के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया,
ये इतिहास गवाह है,
अंग्रेजों ने भी बहुत से प्रस्ताव पास करवाये थे,
मगर जब भारतवासी उठ खड़े हुए थे,
तो अंग्रेज सिर पर पैर रख कर भागते नजर आये थे......."रैना"

sadan me


सदन में सांसदों में अन्ना जी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया,

अब बेताबी का आलम है,
तलब ए दीदार बढ़े जाती....."रैना"

dil me dard

दिल में दर्द छुपा के रखते,
इक  मुस्कान सजा के रखते,
शायद वो मेरे घर लौटे,
हम तो दीप जला के रखते......."रैना"

jai jai maa

जय जय मां,
 जय जय मां,
तू यहां तू वहां,
तेरे दम से जहां,

जय जय मां ,
 जय जय मां  ,
तुझ से दिन,
 तुझ से रात,
 बच्चों पे करे है,
प्रेम की बरसात,
तूने बक्शी है जां.

जय जय मां,
 जय जय मां,............."रैना"
जय जय मां,..............

सोमवार, 26 मार्च 2012

mirchi lgi


अन्ना खरी खरी सुना रहा था,
नेताओं के दोष गिनवा रहा था,
सुषमा को मिर्ची लगी, 
तो जनता क्या करे.................."रैना"

netao ki chitao par

नेताओं की चिताओं पर लगेगे,
हर वर्ष मेले,
शहीदों को यहाँ याद करने वाला कोई नही............."रैना"

gardan fasti dekh

गर्दन फसती देख नेतागन घबराये,
अन्ना ने सदन की अवमानना की है ,
मिल कर एक सुर में चिल्लाये.
नेता जी सच्ची कड़वी होती,
अन्ना जी तो सही फरमाये,
भ्रष्टाचारी चोर उच्चका नेता जेल में जाये.
सदन की अवमानना तो तब होती,
जब नेता पशुओं का चारा कचर कचर खाये,
पैट्रोल डीजल पी जाये, 
देश के सम्मान के लिए खेल हो,
और करोड़ों अरबों हजम कर जाये,
जनता का पैसा स्विस बैंक में जमा करवाये.
पैसे लेकर सदन में प्रश्न उठाये.
सदन में बैठा गंदी फिल्म चलाये.
जनता उसे भेड़ बकरी नजर आये.
सफेद कपड़े पहन देश की इज्जत दाव पे लगाये.
वैसे अन्ना जी ने बिलकुल सच्च फ़रमाया है,
नेताओ को भला क्यों गुस्सा आया है.
जरा ये सोचो ये दोष किन का है,
ये सिद्द हो गया नेताओं की दाड़ी में तिनका है.
जय माँ भारती ......................................................."रैना"

रविवार, 25 मार्च 2012

bichhude dubara mile ye jruri nhi,

बिछुड़ गये जो वो न मिले है,
फूल खिंजा के तो न खिले है.
अपनी आदत को न सुधारा,
उससे क्यों मुसल्सल गिले है.."रैना"

मुसल्सल =निरंतर


janta ke khtir

जिसने जानी पीड़ पराई,
उसने बगिया है महकाई
प्रवीन कुशल कारीगर है,
जिसने ये तस्वीर बनाई.
वो बीमारी से बच जाता,
करता है जो नेक कमाई
"रैना"क्यों बैठा तू सोचे,
उसने ही खुद करना भाई......."रैना" 

aajadi ka mtlab

 वोट खरीदे बेचे अक्सर,
 क्या ये आजादी का मतलब,"रैना"

 खुद को भी हम जान न पाये
 रिन्दों से अपना घर पूछे............."रैना"

khuli aankho se

 खुद को भी मैं जान न पाया,
रिन्दों से अपना घर पूछा............"रैना"


शनिवार, 24 मार्च 2012

unke didar ki talb hai

दीद की तलब है,
नींद अब तो न आ......."रैना"

ujli rahon pe bhi

उजली राहों पे अन्धेरा हो सकता,
दोस्त भी तो दुश्मन तेरा हो सकता.
घर महल बनाये लोगों ने रहने को,
बेशक दिल में रैन बसेरा हो सकता.
जो अब तेरा लख्ते जिगर प्यारा है,
वो तो कल हमदम मेरा हो सकता.
"रैना" सोचा कर तू तन्हा फुरसत में,
उसका न हुआ वो क्या तेरा हो सकता..........."रैना"

शुक्रवार, 23 मार्च 2012

maa meri brahm charni

ब्रह्मचारनी औ माँ मेरी ब्रह्मचारनी,
भक्तों के दुःख हरने वाली भवतारनी,
औ माँ मेरी ब्रह्मचारनी ...................
त्यागी तपस्वी ओजस्वी तेजस्वी,
भक्तों का कल्याण करे,
उसको तो मन चाहा फल मिलता,
 जो माँ का गुणगान करे,
शिव की प्यारी,देवी न्यारी बिगड़ी सवारनी,
औ माँ मेरी ब्रह्मचारनी ...................
दूसरा नवरात्रा दुसरे दिन माँ,
ब्रह्मचारनी का ध्यान लगाओ भक्तों,
छोड़ के मोहमाया का चक्कर,
जीवन सफल बनाओ भक्तों,
जग विख्याता भक्तों की माता दुष्टमारनी.
 औ माँ मेरी ब्रह्मचारनी ................................"रैना"
जय माता दी जय माता दी जय जय माँ
सुप्रभात जी....................



hmsab me

देश के नेताओ होश में आओ,
कुछ तो शर्म करो सुधर जाओ,
वरना देश के नोजवान तुम्हे सुधार देगे.
देश भक्तों को सलाम,प्रणाम 
जय माँ भारती..................................."रैना"

jam ishk da raj raj

ਜਾਮ ਇਸ਼ਕ ਦਾ ਰਜ ਰਜ ਪੀਤਾ,
ਦੀਦ ਯਾਰ ਦੇ ਮੈਂ ਹਜ ਕੀਤਾ.
ਮੈਂ ਮੁਜਰਿਮ ਤੂ ਜਜ ਸੋਣੇਆ,
ਸੁਨਾ ਦੇ ਫੈਸਲਾ ਅਜ ਸੋਣੇਆ.

aao ham sb mil kar

चरण वंदना करे हाथ जोड़ प्रणाम है,
आजादी के दीवानों को मेरा सलाम है,
आजादी के दीवानों......................
सलाम उनको देश के खातिर जो लड़े,
जुल्म सहा अंग्रेजों का हंस हंस के मरे,
जिनके हिस्से में सुख न आया आराम है.
आजादी के दीवानों......................
वैसे हमने तो शहीदों का अपमान किया है,
वो जिसके है हक़दार वो सम्मान न दिया है,
काले अंग्रेजों ने देश को बना लिया गुलाम है.
आजादी के दीवानों...................... ..........................."रैना"

बुधवार, 21 मार्च 2012

sanu dil to juda n

ਸਾਨੂ ਦਿਲ ਤੋ ਜੁਦਾ ਨ ਕਰ ਸਜਨਾ,
ਹਾਏ ਲਗਦਾ ਏ ਜੋਰ ਦਾ ਡਰ ਸਜਨਾ.
sanu dil to juda n kar sajna,
haye lgda ae jor da dar sajna...."raina"

kyo naraj hai mujhse

साजन से बिछुड़े न उसे याद करे,
दुःख होता है तब ही फरियाद करे.
माया का मक्कड़ जाल परेशानी,
अनमोल समय यूं ही बरबाद करे. 
"रैना जीवन का मकसद तो समझो,
फ़कत इबादत से घर आबाद करे........"रैना"
सुप्रभात जी .......................good morning ji 

आफिस में किसी की तरक्की हो माथा न पीटिये,
मेहनत मशक्त को छोड़ बस दूम हिलाना सीखिये.
बेशक अब इस दुनिया का बदल गया अन्दाज है,
खास कर भारत में अब दूम हिलाने वालो का राज है.
देखिये यहां के नेतागण इस अंदाज से दूम हिलाते है,
दंडवत प्रणाम करे बोस को एक टांग पे खड़े हो जाते है.
मानव की हिलती पूंछ देख कर कुत्ते शरमाने लगे है,
इसलिए बहुत से कुत्ते अपनी पूंछ ही कटवाने लगे है........"रैना"

khichiye jnab

आफिस में किसी की तरक्की हो माथा न पीटिये,
मेहनत मशक्त को छोड़ बस दूम हिलाना सीखिये.
बेशक अब इस दुनिया का बदल गया अन्दाज है,
खास कर भारत में अब दूम हिलाने वालो का राज है........"रैना"

बेशक अब तो बहुत ही मौज उड़ाते कुत्ते,
आदमी तो भूखा मरे ब्रैड,टोस्ट खाते कुत्ते.
इन्सान तो मतलब देख कर पाला बदले,
पर उसी के लिए भौंके जिसका खाते कुत्ते.
अपनी तरह पूंछ हिलाता देख मानव को,
अब बहुत ही ज्यादा निरंतर शरमाते कुत्ते.
"रैना"हम भी वफा करना तो सीख ही जाये,
बार बार इन्सान को यही तो समझाते कुत्ते..........."रैना"

beshak ab to bahut hi mauj

बेशक अब तो बहुत ही मौज उड़ाते कुत्ते,
आदमी तो भूखा मरे ब्रैड,टोस्ट खाते कुत्ते.
इन्सान तो मतलब देख कर पाला बदले,
पर उसी के लिए भौंके जिसका खाते कुत्ते.
अपनी तरह पूंछ हिलाता देख मानव को,
अब बहुत ही ज्यादा निरंतर शरमाते कुत्ते.
"रैना"हम भी वफा करना तो सीख ही जाये,
बार बार इन्सान को यही तो समझते कुत्ते..........."रैना"

सोमवार, 19 मार्च 2012

thak gye

गम न करे होना निश्चित है,
हो गा क्या जाने कुदरत है.
उसको न कभी भी दुःख होता,
जिसको उससे मोहब्बत है
अपने बारे में सब सोचे,
औरों की सोच इबादत है.
"रैना" तेरा आशिक होता,
अपनी तो ये अब हसरत है...."रैना"

रविवार, 18 मार्च 2012

safar kte jo bandgi me

रस तभी जिन्दगी में,
दिन कटे बन्दगी में........."रैना"

ham ghar ki khidkiya

जब हम सोते रह जायेगे,
फिर वो  रोते रह जायेगे......."रैना"

pandit ji


जो भी ज्ञानी ध्यानी है,
वो ही पंडित कहलाता,
पंडित पहले खुद समझे,
फिर औरों को समझाता,
यहाँ की सवारे निरन्तर,
वहां की राह है बनाता,
मन से साफ शुद्द पवित्र,
उसके गुण हरपल गाता,
जाति धर्म की बात नही,
पंडित कोई भी बन जाता.
मगर वो इसका हक़दार नही,
जिसने मास मदिरा से नाता............"रैना"

jo bhi ghyani

जो भी ज्ञानी ध्यानी है,
वो ही पंडित कहलाता,
वो पंडित कहलाने का हक़दार नही,
जिसने मास मदिरा से जोड़ा नाता............"रैना"

jo kate hai par

जो काटे है पर औरों के ,
वो खुद भी बेपर हो जाते,
जो छत छीने है औरों की,
वो खुद भी बेघर हो जाते......"रैना"
सुप्रभात जी ..........good morning ji

karm se paudha

मेहनत करे पौधा पलता,
फल तो किस्मत से ही लगता,
आंधी में तो बुझ जाता है,
गर हिम्मत तो दीपक जलता...."रैना"

ham himmt kyo har

खुद पे कहर गुजार चुके है,
हम दिल को क्यों मार चुके है.
जब तक जीवन जीना पड़ता,
हम हिम्मत क्यों हार चुके है,............ "रैना"


desh ka masiha

व्यापारी व्यापार करता है,
आशिक तो प्यार करता है,
ये जनता की बदनसीबी है,
नेता अब भ्रष्टाचार करता है......."रैना"

शनिवार, 17 मार्च 2012

माँ के भक्तों से अनुरोध
महामाई के जगराते को नाचने गाने का मंच न बनाये.
मनन और मनोरंजन में जमीन आसमान सा अंतर है.
जगराता पार्टियों का ये बिजनैस है,
उनका का काम पैसे एकत्रित करना है,
उन्हें माँ के गुणगान से कुछ लेना देना नही है.
ऐसा करने से माँ का अपमान हो रहा है.
माँ के भक्तो उठो जगो,
माँ की तोहीन बंद करवाओ.
निवेदक माँ का अदना सा सेवक ..राजिंदर शर्मा "रैना"

subah ka hona

सुबह का होना,
शाम का ढलना,
बाकायदा प्रत्येक
शै का चलना,
ये तो उसकी कारागरी है................"रैना"
सुप्रभात जी .....................good morning ji

bhul kar bhi

भूल कर भी न किसी का मुहु  देखना,
सफल होना तो कभी न घुटने टेकना."रैना"

मंगलवार, 13 मार्च 2012

hasrat thi dil lgane ki

हसरत थी तुझसे दिल लगाने की
अब हसरत है तुझको भुलाने की.
तेरे गम में लाजिम  मर जायेगे,
कोशिश करना न हमें बचाने की.
 प्यार करने की नसीहत तो देते,
आशिक मिटाना अदा जमाने की.
निशानियाँ तोड़ने का इरादा मेरा,
सोचता हु खत पुराने जलाने की.
रैना"की बर्बादी से तुझे क्या लेना,
मत रोना मिले खबर मरजाने की.."रैना"

ab dilon me mohabat

अब दिल में मोहब्बत न रही,
गम सहने की आदत न रही.
हंसना रोना भी मजबूरी,
वैसे इतनी फुरसत न रही.
भटके बहुत तुझे पाने को,
अब पाने की हसरत न रही.
लम्बी दौड़े दौड़ी हमने,
अब चलने की हिम्मत न रही.........."रैना"


सोमवार, 12 मार्च 2012

yu hi jmin pe nkoi aata

यू धरती पे न कोई आता है,
ये रिश्ते तो वो ही बनाता है.
जब रिश्तों को उसकी मंजूरी है,
फिर रिश्तों की कदर भी जरूरी है.
रिश्तो की कदर..........................
इन रिश्तों का अजब तमाशा है,
हिसाब लेने कोई देने को आता है,
ये रिश्ते हरगिज न मजबूरी है.
रिश्तो की कदर.........................
उसकी नयामत पे तरस खा "रैना"
रिश्तें मतलब के न तू बना "रैना"
गले लगा ले जिन से हुई दूरी है.
रिश्तो की कदर.........................."रैना"



रविवार, 11 मार्च 2012

dharti maa ka karj

धरती माँ का कर्ज चुकाया जा नही सकता,
माँ की तपस्या को भुलाया जा नही सकता.
माँ की मेहरबानी जो रोशन जहान देखा,
वरना क्या खबर कहाँ होते,
जहां जा सकती नही सोच भी,
बेशक हम तो फिर वहां होते.
एहसान हम पे तेरा मेरी माँ,
जो देखा मैंने सवेरा मेरी माँ.
एहसान हम पे ...................
नौ मास पेट में रख के पाला है,
जन्मा फिर बड़े प्यार से सम्भाला है,
दूर कर दिया तूने अँधेरा मेरी माँ.
एहसान हम पे ...................
मेरे खातिर हर दुःख सह लिया तूने,
हर आफत से बचा के बड़ा किया तूने,
पल पल रखा ख्याल मेरा मेरी माँ.
एहसान हम पे ..................."रैना"
सुप्रभात जी ...............good morning

hme mausam

गैरों से जब रिश्ता जोड़ा,
अपने घर क्यों आना छोड़ा,
याद हमें भी रखते थोडा.

दिल को शीशे जैसे तोडा.
आदम के जो मन में आई,
तूफानों के रुख को मोड़ा.

meri tanhai

 तन्हाई को शिकवा मुझसे,
तुम रोते क्यों न बताओ तो,
कोई हलचल हो तो अच्छा.
वरना मेरी हो बदनामी...."रैना"

ye jindgi

 जिन्दगी बन्दगी के लिये,
बन्दगी जिन्दगी के लिये.
याद उसकी न भूले कभी,
ये सबक आदमी के लिये."रैना"

शनिवार, 10 मार्च 2012

baithhe rote


बैठे रोते हम वफा करके,
रख छोड़ा तूने फना करके,
दुःख भारी हमको ये गम है,
माँगा था उससे दुआ करके.
हमने कोई कसर न छोड़ी,
नामुराद गया है दगा करके.
दिल के जख्म नही है भरते,
हमने ने देखा  दवा करके.
रैना" पीने से करता तौबा,
अब हम भी देखे खता करके......."रैना"

doha

दोहा ----
आज के इस संसार में सच जाने न कोये,
झूठी साची कछू कहे चुगल कहे सो होये,
आफिस में मौज करे बोस का है गुलाम,
कपटी दुष्ट इंसान को "रैना" का  प्रणाम.
भ्रात श्री चुगल खोर की जय.............

शुक्रवार, 9 मार्च 2012

hasrat pine ki

तेरी आँखों से पीनी मेरे यार,
न हसरत मय पीने की,
रस अंगूरी मेरे लिए बेकार,
न हसरत मय पीने की.
मैंने नाम की पी ली मेरे यार.................................
दो घूंट पी मदहोश मैं हो गया,
खुद को ढूंढ़ता खुद में खो गया,
मोहे यार के हो गये दीदार,
न हसत मय पीने की.
मैंने नाम की पी ली मेरे यार................................"रैना".

गुरुवार, 8 मार्च 2012


नारी शक्ति महान है,
इससे रोशन जहान है.
है अंश आदि शक्ति का,
हर गुण विद्यामान है.

बेशक माँ बहन बेटी तू,
हर रूप में सुख देती तू,
प्यार प्रेम की भूखी है,
बदले में कुछ न लेती तू.

तेरे दम से ये बहार है,
 करती जग विस्तार है,
हर पीड़ा को सह लेती,
तुझ में सहन शक्ति आपार है.

नारी तू सुखो की खान है,
ये पुरुष फिर भी अज्ञान है,
वास्तव में जिसकी हक़दार तू,
तुझे मिलता न वो सम्मान है.

"रैना"कहने में संकोच नही करता,
हर नारी माँ दुर्गा के दर्शन करता,
इस में कोई शक नही है यारो,
तभी सफलता की सीढ़ी जाये चढ़ता."रैना"


nari shakti mahan hai

नारी शक्ति महान है,
इससे रोशन जहान है.
है अंश आदि शक्ति का,
हर गुण विद्यामान है.

बेशक माँ बहन बेटी तू,
हर रूप में सुख देती तू,
प्यार प्रेम की भूखी है,
बदले में कुछ न लेती तू.

तेरे दम से ये बहार है,
 करती जग विस्तार है,
हर पीड़ा को सह लेती,
तुझ में सहन शक्ति आपार है.

नारी तू सुखो की खान है,
ये पुरुष फिर भी अज्ञान है,
वास्तव में जिसकी हक़दार तू,
तुझे मिलता न वो सम्मान है.

"रैना"कहने में संकोच नही करता,
हर नारी माँ दुर्गा के दर्शन करता,
इस में कोई शक नही है यारो,
तभी सफलता की सीढ़ी जाये चढ़ता."रैना"


मंगलवार, 6 मार्च 2012

jab bhi mile fursat

अपने घर से बाहर देश प्रदेश रहने वालों के लिए इक खास गीत,
जब मिले फुरसत,माँ को याद कर लेना,
तन्हा बैठ रब से भी,फरियाद कर लेना.
माँ को याद............
भूल न जाना गाँव की यादें सजाये रखना,
मिट्टी की ख़ुश्बू सांसों में  बसाये रखना,
अपनी विरासत न कही बरबाद कर लेना.
माँ को याद............
तू इतना याद रखना घर में बीवी बैठी है,
दर्दो गम में डूबी हिज्र की पीड़ा सहती है,
भूल के उसको न नया घर आबाद कर लेना.
माँ को याद.........................................................."रैना"

holi ki bate

HAPPY HOLI
हरतरफ होली की बातें,
कोई कहता होली जलाने को,
कोई कहता रंग लगाने को.
कोई कहता जश्न मनाने को,
कोई कहता सूखा रंग मले,
कोई कहता रंग घोल पिचकारी भरे,
 कोई प्यार रंग की बात नही करता.
मगर "रैना" हम तो होली ऐसे मनायेगे,
नफरत को दूर भगायेगे,
सब को प्यार का रंग लगाये गे,
 कोई बुरा मत मन जाना................................."रैना"
सुप्रभात जी ...........................good morning


सोमवार, 5 मार्च 2012

nisandeh ishk bimari

निसंदेह इश्क बीमारी है,
हाय दिल में पीड़ा होती है,
बादल छम छम रोता है,
धरती भी चुप न होती है."रैना"

रविवार, 4 मार्च 2012

dekh liya hamne wfa karke

देख लिया हमने वफा करके,
छोड़ गये  दोस्त फना करके.
आँख लगते ही ख्वाब में आये,,
देख ली यादें दिल से विदा करके.
बरबाद हो कर है समझ आई,
खाया धोखा दिल फ़िदा करके,
जिनसे उम्मीद थी खुशियों की,
वो चलते बने गम अता करके.
हमको कुछ भी नही मिलना,
"रैना" घर चले अलविदा करके."रैना"

tum ko dekha to

खो दिया मैंने जो भी है पाया,
भूला मकसद  फूल मुरझाया.
मेरी खता जो मैं नही समझा,
वैसे तो उसने मुझे समझाया.
बेशक मुझको नजर न आता,
एहसास होता वो मेरा हमसाया.
दिन में जिसने रात को न सोचा,
शाम ढलते वो बहुत पछताया.
हिसाब कर्मो का तो देना होगा,
भगवान कृष्ण ने सही फ़रमाया.............."रैना"

शनिवार, 3 मार्च 2012

dil todne me mahir

दिल तोड़ने में माहिर बहुत,
तेरे शहर के लोग यारा.............."रैना"

ishk ki aag ne surkh

इश्क की आग ने सुर्ख रु कर दिया,
टूट जाते नही तो घड़े की तरह............"रैना"

ishk ki aag


जहर का घूंट नसीब हुआ,
दिल लगाने का इनाम मिला."रैना"

jaharka ghunt

जहर का घूंट नसीब हुआ,
दिल लगाने का इनाम मिला."रैना"

शुक्रवार, 2 मार्च 2012

babu ki kalm n

बाबू की कलम न चलती है,
चपड़ासी के हाथ न हिलते,
साहब का हुक्म यही कहना,
बिन पैसे कोई काम नही,
हमने भी ऊपर देने है,
कुर्सी पर बैठे रहने को.
फिर भी हम कहते है यारो,
मेरा भारत महान है............."रैना"

kana khelo mah sang

होली का रंग चढ़े ऐसा,
फिर ये उतरे न उम्र सारी,
कर ली है साजन हमने तो,
इस  बारी ऐसी तैयारी.
राधा कृष्ण जी से होली खेलने के लिए कुछ ऐसे कह रही है.
काना खेलो मोह संग होली,
दूर दूर न जाऊ मोह से,
मैं तो तेरी हो ली.
काना खेलो ...................
होली के दिन वैसे मची हुई लूट है,
और को पाबंधी पर तेरे लिए छूट है,
चाहे भिगो अंगिया मोरा,
चाहे भिगो ले चोली.
काना खेलो ...................
वैसे तो मुझ पे रंग तेरा चढ़ा है,
पर लाल पीले रंग में मजा ही बड़ा है,
प्रेम का रंग हम इसमें घोले,
बन जाये रंगोली.
काना खेलो ..................."रैना"
सुप्रभात जी ..........good morning ji

गुरुवार, 1 मार्च 2012

har gar me

अब हर घर में शोर मचा है,
बौने होते जाये  रिश्ते..............."रैना"

beshak usne to sab kuchh

बेशक उसने तो सब कुछ पाया है,
जिसके पास दुआ का सरमाया है.
जान गया है जो जीवन का मकसद,
गुलशन तो उसने ही महकाया है.
धोखा तो कोई भी दे सकता है,
चाहे दोस्त हमदम हमसाया है.
"रैना"क्यों भटक रहा है मन तेरा,
उसका जाना तय जो भी आया है.
सुप्रभात जी .................good morning ji

ye kya ho rha hai bhai

ये क्या हो रहा भाई ये क्या हो रहा है,
आम आदमी खून के आंसू रो रहा है,
अब बेशर्मी सारी हदें है पार कर गई,
जनता का मसीहा बैठा सदन में सो रहा है.
ये क्या हो रहा...............................
चोर उच्चकों की हो रही जय जयकार है,
भ्रष्टाचार अब तो बन गया व्यापार है,
नोट पे बैठा महात्मा गाँधी आँखें भिगो रहा है.
ये क्या हो रहा............................................
नेता को जनता का न कोई भी  ध्यान है,
अपने बोस नेता का बस करता गुणगान है,
आम जन तो महंगाई का भार ढो रहा है 
ये क्या हो रहा......................................
देश की राजनीति की कोई न नीति है,
नेता को अब सिर्फ माया से प्रीति है,
पैसे का दीवाना अपना होशो हवास खो रहा है.
ये क्या हो रहा..............................."रैना"