दोस्तों सच्चाई पर आधरित ये गीत
चार कन्धों पे हो के सवार,चले गे जब यार,
कुछ तो रोये गे,
जिनसे रहती मेरी तकरार,जो खाते मुझसे खार,
वो तो खुश होये गे।
हां कुछ तो रोये .............
कुछ तो कहे गे बड़ा ही सयाना था,
और कुछ कहे गे अंधों में काना था,
कुछ कहे गे होनहार खिलाड़ी था,
और कुछ कहेगे कोड़ की बीमारी था,
कुछ कहे भगवन गिन गिन बदले लेना,
कुछ कहे गे इस की रूह को शांति देना,
कोई कुछ भी कहे,
हम तो चैन से सोये गे,
हां कुछ तो ....................................
बच्चें कहे गे बाप ने कुछ न छोड़ा है,
बीवी कहे गी इसने खून ही निचौड़ा है,
पडौसी कहे गे पैसे मेरे भी खा गया,
दोस्त कहे गे चूना हमें भी लगा गया,
इस दुनिया का गुमनाम " ये दस्तूर है,
उसको भूल जाते जो चला जाता दूर है,
जिस से है मतलब,
कपड़े उसके ही धोये गे।
हां कुछ तो .......................राजेन्द्र "गुमनाम"
चार कन्धों पे हो के सवार,चले गे जब यार,
कुछ तो रोये गे,
जिनसे रहती मेरी तकरार,जो खाते मुझसे खार,
वो तो खुश होये गे।
हां कुछ तो रोये .............
कुछ तो कहे गे बड़ा ही सयाना था,
और कुछ कहे गे अंधों में काना था,
कुछ कहे गे होनहार खिलाड़ी था,
और कुछ कहेगे कोड़ की बीमारी था,
कुछ कहे भगवन गिन गिन बदले लेना,
कुछ कहे गे इस की रूह को शांति देना,
कोई कुछ भी कहे,
हम तो चैन से सोये गे,
हां कुछ तो ....................................
बच्चें कहे गे बाप ने कुछ न छोड़ा है,
बीवी कहे गी इसने खून ही निचौड़ा है,
पडौसी कहे गे पैसे मेरे भी खा गया,
दोस्त कहे गे चूना हमें भी लगा गया,
इस दुनिया का गुमनाम " ये दस्तूर है,
उसको भूल जाते जो चला जाता दूर है,
जिस से है मतलब,
कपड़े उसके ही धोये गे।
हां कुछ तो .......................राजेन्द्र "गुमनाम"
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