शुक्रवार, 30 सितंबर 2016

जयकारा शेरोवाली का बोलो सच्चे दरबार की जय,
प्रथम शैलपुत्री माता तेरी जय जयकार,
श्रदा से तेरा ध्यान लगाये बख्शो अपना प्यार,
तेरी जय जयकार मेरी माता तेरी जय जयकार।
तेरी जय जय कार -------------------रैना"
सुप्रभात जी ------------------जय जय माँ 

दोस्तों खास ग़ज़ल आप के लिए

याद तेरी  ने हमें रुलाया बहुत है,
तू बता क्यों आज याद आया बहुत है।
राख का इक ढेर सा हुआ दिल ये मेरा,
क्योकि हमने दिल भला जलाया बहुत है।
सर्द मौसम है बना मेरी जां का दुश्मन,
रात काली ने हमें डराया बहुत है।
अब छटी का दूध याद करवा दो इसको,
इस पड़ौसी ने हमें छकाया बहुत है।
चैन मिलता ही नही उसे भी उम्रभर,
बुजुर्गों को जिसने भी सताया बहुत है।
याद तेरी जब कभी परेशान करती,
तू न भूला हमने तो भुलाया बहुत है।
काश रैना"को समझ सके यार उसका,
दर्द उसको हमने तो सुनाया बहुत है। रैना"

इस दौर में बच्चों को खूब पढ़ाओ,
साथ में चम्मचगिरी भी सिखाओ,
वरना सपनों का महल ढह जायेगा,
पढ़ लिख के बच्चा पीछे रह जायेगा। रैना"
सुना है ???????
वो तीसरी बार सम्मानित हो रहे,
कुल तीस के पैर तो पकड़े होंगे। रैना"

राज्य कवि का दर्जा मिला है उसे,
लिखने के साथ झुकना जानता होगा। रैना"

लफ्जों का साधक तो जरूर होता है,
हर कवि को थोड़ा बहुत गरूर होता है,
वो तो जमीं पे पैर भी नही रखता,
जो जमाने में थोड़ा मशहूर होता है। रैना"

गुरुवार, 29 सितंबर 2016


भारत माता की जय
भारतीय सेना ने ये काम किया खूब है,
ईंट का जवाब पत्थर से दिया खूब है,
मोदी जी ऐसे ही सेना को पूरी छूट दो,
पाकिस्तानी टटुओ ने खून पिया खूब है। रैना"
जय हिन्द जय हिन्द ----------

मोदी जी आप ने जो अदम साहसिक काम है किया,
मुझे लगता 15 लाख मेरे खाते में है जमा करा दिया। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय
क्यों तू इतनी खफा है माँ,
क्या हुई हमसे खता है माँ,
हम भिखारी तेरे ही दर के,
फिर क्यों मिली सजा है माँ।
सुप्रभात जी -----जय जय माँ   

बुधवार, 28 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय आई
वैष्णो माँ के भवन के जलवें न्यारे एकदम प्यारे है,
दर्शन करने मईया  के तो आये देव देवा  भी सारे है। रैना"
सुप्रभात जी--------------------- -----जय जय माँ 

मंगलवार, 27 सितंबर 2016

जो जमाने से जुदा  न हुये,
है शिकायत इश्क
 हुस्न वाले बावफ़ा न हुये।
दर्द जिसको हुआ नही है 

सोमवार, 26 सितंबर 2016


वैष्णो माँ की जय जय जय
माँ मेरे लिए ये खास करो,
दूर आंखों की प्यास करो,
खुश होने का मौसम है माँ,
ओर न ज्यादा उदास करो। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ

कठिन परस्थितियों मुश्किल राहों पे आगे बढ़ना होगा,
देश को आगे बढ़ाने के लिए निसंदेह त्याग करना होगा,
कुर्सियां अक्सर चम्मचों चापलूसों को ही मिला करती,
चन्द्र शेखर आजाद को तो देश के खातिर मरना होगा। रैना"

शनिवार, 24 सितंबर 2016



वैष्णो माँ की जय जय जय
तू जीने का ऐसा ढंग दे माँ,
अपने ही रंग में रंग दे माँ,
हम भिखारी कुछ न मांगे,
अपने चरणों का संग दे माँ। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ


ये जीने का ढंग बदल जायेगे,
हैं गिरगट तो रंग बदल जायेगे,
सब के सब  मतलब के दोस्त है,
मतलब निकला संग बदल जायेगे। रैना"

पहले हंस के खाते है,
फिर देख के घुर्राते हैं,
इंसान से कुत्ते अच्छे,
जो पूंछ तो हिलाते हैं। रैना"

गुरुवार, 22 सितंबर 2016

जय जय माँ वैष्णो महारानी जी
जिंदगी क्या यूं  ही उदास रहेगी,
यूं जवां कब तक ये प्यास रहेगी,
माँ बता क्या बदले नसीब मेरी भी,
कब तलक जारी तलाश रहेगी। रैना"
सुपभात जी --------जय जय माँ 
आत्मा तो खुश नही परमात्मा से प्यार है,
ये गुस्ताखी उसको हरगिज न स्वीकार है। 

बुधवार, 21 सितंबर 2016


वैष्णो माँ की जय जय जय जय
मेरी माँ अम्बे इतना ख़ास कर दे,
जीवन की परीक्षा में पास कर दे,
भटक रहा हूं तेरे दीद के खातिर,
कर किरपा सफल प्रयास कर  दे। रैना"
दोस्तों कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है ,
पर कश्मीर में फौजी जवान की क्या हालत है।
जरा सुनिये
चीख उठता है मन करता हा हाकार है,
हाथ बंधे देखने को हाथों में हथियार है।
अपने ही देश में हम डर डर के जी रहे,
ये सच कश्मीर में सैनिक बड़ा लाचार है।
दिल्ली में बैठे नेता लम्बी लम्बी हांकते,
यहां आके देखिये सारा सिस्टम बीमार है। 
आतंकी को मारना है जोखिम भरा क्योकि,
सिर पे लटकी कोर्ट मार्शल की तलवार है। 
बुझदिल हम है नही बीवी बच्चों की फ़िक्र,
इसलिये जिल्लत भरी मौत भी स्वीकार है।
पानी सिर से गुजरता अब सहन मुश्किल हुआ,
ओछी हरकते कर रहा पाकिस्तान बार बार है। 
लातों के भूत कभी बातों से नही हैं मानते,
बेगरत बेशर्म का तो जूता ही उपचार है। 
देश के रहबरों अब और न ज्यादा देर करो,
लाहौर तिरंगा फहराने को हर सैनिक बेकरार  है।
रैना"की गुजारिश मोदी जी सुन लो गौर से,
जड़ से मिटाओ मर्ज माफ़ी लायक न गद्दार है। रैना" 
@94160 76914

मंगलवार, 20 सितंबर 2016





दोस्तों कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है ,
पर कश्मीर में फौजी जवान की क्या हालत है।
जरा सुनिये
चीख उठता है मन करता हा हाकार  है,
हाथ बंधे देखने को हाथों में हथियार है।
अपने ही  देश में हम मर मर के जी  रहे,
ये सच कश्मीर में हुआ सैनिक लाचार है।
दिल्ली में बैठे नेता लम्बी लम्बी हांकते,
यहां आके देखिये सारा सिस्टम बीमार है।
आतंकी को मारना है जोखिम भरा क्योकि,
सिर पे लटकी कोर्ट मार्शल की तलवार है।
बुझदिल हम है नही बीवी बच्चों की फ़िक्र,
इसलिये जिल्लत भरी मौत भी स्वीकार है।
पानी सिर से गुजरता अब सहन मुश्किल हुआ,
ओछी हरकते कर रहा पाकिस्तान बार बार है।
लातों के भूत कभी बातों से नही हैं मानते,
बेगरत बेशर्म का तो जूता ही उपचार है।
देश के रहबरों अब और न ज्यादा देर करो,
लाहौर तिरंगा फहराने को हर सैनिक तैयार है।
रैना"की गुजारिश मोदी जी सुन लो गौर से,
जड़ से मिटाओ मर्ज माफ़ी लायक न गद्दार है। रैना"
@94160 76914



सोमवार, 19 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
ले के भेंट पुजारी आये हैं,
तेरे दर के भिखारी आये हैं,
सुनो लो फरियाद माँ मेरी,
भूले भटके अनाड़ी आये है। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ 
दोस्तों इक रा र यानि पलटवार

बातों की तलवार अपनी बातों की बंदूक है,
बातों से भर के रखी हमने बड़ी संदूक है।
वैसे तो हमने बातों से कर रखे पूरे प्रबन्ध है,
फिर भी बातों बातों में हो जाती बड़ी चूक है।

बात करना सोचना हम छोड़ दे कैसे भला,
बात करना बोलना हमारा मौलिक हकूक है।

हादसा जब देश में हो जाता भयानक सा बड़ा,
हर भारत वासी के मन में उठती बड़ी हूक है।

आंतकवाद पाकिस्तान में कभी न पनपता,
आंतकवादियों से करना आया न हमे सलूक है। रैना"
सिर्फ कहते कुछ न करते हैं,
न जाने क्यों पाक से डरते है,
बात यही सच सही है लगती,
कौन सा नेताओं के बेटे मरते हैं। रैना"

रविवार, 18 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
अर्ज मेरी सुनो माँ वैष्णो तेरे दर पे भिखारी आये है,
अर्पण तुझको करने को फ़क़त श्रदा सुमन ही लाये है। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------------जय जय माँ 

दोस्तों के लिए खास 
चेहरे से चिलमन हटा दो,
हुस्न के जलवे दिखा दो। 
चैन पल भर भी नही है,
अब दवा कोई खिला दो। 
मौत वरना आ रही है,
दर्द दिल का अब  मिटा दो। 
रिन्द पे कर रहम साकी,
जाम मस्ती का पिला दो। 
खैर मांगे हैं भिखारी,
प्यास आंखों की बुझा दो।
मैं मुसाफिर भटकता हूं,
तुम पता अपना बता दो। 
काश रैना"की सुनो तुम,
ध्यान में अपने लगा दो।रैना" 


देश के नेता गर अब भी चुप बैठते है तो,
बेहतर होंगे वो चूड़ियां पहन ले।
क्योकि पानी अब सिर के ऊपर से गुजर रहा है। रैना"
भारत के नेता सिर्फ बातें करते है,
और पाकिस्तानी करते हमले। रैना"

शनिवार, 17 सितंबर 2016

वाह अपना ही ख्याल लिखते है,
दनकौरी जी बाकमाल लिखते है। रैना"

 अब मुझे ख्वाब आते  नही है,
नींद आती नही ख्वाब  कैसे। रैना"

भटकते तो सभी हैं मंजिल के लिये,
लेकिन मंजिल मिलती है नसीब से। रैना"


जब माँ का सहारा मिल जाये,
हर हाल किनारा मिल जाये,
माँ "रैना"भी तेरा दीवाना है,
अब उसे भी नजारा मिल जाये। रैना"




नसीबा है खफा मुझसे
गुमां करना नही अच्छा चढ़ी महकी जवानी का,
बुरा फिर अन्त होता है 
इबादत में लगे रहना यही फितरत रही मेरी,
मगर ये लोग कहते है हुआ पागल दिवाना मैं। रैना"


टूट कर बिखरे कभी हम बिखर कर संभले,
सांस बाकी है अभी तक अजल को मिला नही मौका। रैना"
काश तुझसे मुलाकात हो जाये,
है तमन्ना कभी बात हो जाये।


शुक्रवार, 16 सितंबर 2016

दोस्तों बुरा मत मान जाना कुछ कड़वा सच है।
देखिये ये कैसी विडम्बना है,
धर्म की हर सीमा का उलंघन होता है,
मनन के नाम पे मनोरंजन होता है।
मस्ती में झूमते  ताल बजाने वाले,
अधिकतर नशे में भजन  गाने वाले।
बाबा जी आजकल पूरी रसोई देखते है,
बड़ी शान  से टी वी पे मसाले बेचते  है।
कुछ बाबा जी नेट को भी साथ लेते है,
मन्त्र का ताला खोलने का पासवर्ड देते है।
कुछ बाबा तो नये नये  रंग दिखाते है,
अपने भक्तों को लाल हरी चटनी खिलाते है।
लगन लगी  लोग रोज सत्संग में जाते है,
माँ बाप को वृदाआश्रम में छोड़ आते है।
चाव से रावण का पुतला तो बनाते है,
अफ़सोस जलाने को राम जी न आते है।
नारें लगाते नारी को सब अखित्यार है,
वो ही नारी पे करते खूब अत्याचार है।
बुरी नीयत खुद को दिखाते सयाने से है,
सही मायनों में एक आँख से काने से है।
भाई भतीजावाद नही का नारा लगाते है,
तभी तो नेता मुख्यमंत्री पत्नी को बनाते है।
देखो तो ये कैसा दिलचस्प तमाशा है,
नेता बन के आम आदमी खास हो जाता है।
देश में गरीब बेचारा फूट फूट कर रोता है,
यहां कुर्सी के लिए बहुत कुछ होता है।
भारत में बरबादी की बड़ी लम्बी कहानी,
फिर कभी सुन लेना रैना"की जुबानी। रैना"

गुरुवार, 15 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय
यही विनती है बार बार मेरी माँ,
हमें बख्शो अपना प्यार मेरी माँ। रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय माँ 

दोस्तों आप की महफ़िल में 
जख्म दिल पे लगे कितने दिखाना है बड़ा मुश्किल,
चेहरे का गिला वाजिव छुपाना है बड़ा मुश्किल।
अब शहर की फिजा बदली वफ़ा से दूर ही रहते,
गैर अब हो गये अपने बनाना है बड़ा मुश्किल।
पास रहता खफ़ा सा क्यों समझ कुछ भी नही आता,
उस हसीं ख़ास दिलबर को मनाना है बड़ा मुश्किल।
चैन से तान कर सोना नसीबो में न आशिक के,
इश्क की आग में मन को जलाना है बड़ा मुश्किल।
यार जो ख़ास हो अपने वही करते दग़ाबाजी,
चलन बदला जमाने का निभाना है बड़ा मुश्किल। 

इश्क एक रोग है ऐसा लगे जिसको वही जाने,
दर्द दिल का लगी आतिश बुझाना है बड़ा मुश्किल। 
काश रैना"समझ जाये बचे बस चार दिन बाकी,
दर्द उस रात काली का उठाना है बड़ा मुश्किल। रैना"

बुधवार, 14 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय
माँ की ज्योत मन मंदिर में जले हरदम।
जय कारा वैष्णो रानी का बोलो सच्चे दरबार की जय।
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ 

जख्म दिल पे लगे कितने दिखाना है बड़ा मुश्किल,
चेहरे का गिला वाजिव छुपाना है बड़ा मुश्किल।
अब शहर की फिजा बदली वफ़ा से दूर ही रहते,
गैर अब हो गये अपने बनाना है बड़ा मुश्किल।
पास रहता खफ़ा सा क्यों समझ कुछ भी नही आता,
उस हसीं ख़ास दिलबर को मनाना है बड़ा मुश्किल।
चैन से तान कर सोना नसीबो में न आशिक के,
इश्क की आग में मन को जलाना है बड़ा मुश्किल।
यार जो ख़ास हो अपना वही करता दग़ाबाजी,
चलन बदला जमाने का निभाना है बड़ा मुश्किल।

इश्क एक रोग है ऐसा लगे जिसको वही जाने,
दर्द दिल का लगी आतिश बुझाना है बड़ा मुश्किल। 
काश रैना"समझ जाये बुरा दिल का लगाना है,
बैठ रोना नही सोना बिताना दिन बड़ा मुश्किल। रैना"

खता उसकी नही कोई कमी मेरी रही होगी,
नसीबा लिख नही पाया कलम गुम हो गई होगी। रैना"

फेल हम हो गये इम्तहाने जिन्दगी में,
काश बोर्ड की परीक्षा होती???????///
पैसे देकर पास हो जाते।  रैना"
1222          1222         1222       1222
खफा होना नही हमसे मिरा तू ही सहारा है,

बिना तेरे सनम मेरे बड़ा मुश्किल गुजारा है।  
मेरे मन में बसे हो तुम चले सांसें तेरे दम से,
हवाले सब किया तेरे नही कुछ भी हमारा है। 
तेरे जलवें तेरी हस्ती नही कोई तेरे जैसा,
फ़िदा हम हो गये तुझ पे हमें जां से पियारा है। 
करो कम बीच की दूरी दिखा दो चेहरा दिलबर,
सुना तू खूबसूरत है तेरा अन्दाज़ न्यारा है। 
दिवानी मैं हुई तेरी नही अपनी फिकर मुझको,
खबर तुझको नही मेरी तभी टूटा सितारा है। 
भला रीनू"करे कैसे गिला तुझसे हसीं दिलबर,
मेरे हिस्से नही आया मेरे मन का नजारा है। रीनू"




मंगलवार, 13 सितंबर 2016

ईद का जश्न हमने भी मना लिया होता,
तुम जो रूबरू होते सीने लगा लिया होता। रैना"



1222          1222         1222       1222
खफा होना नही हमसे मिरा तू ही सहारा है,

सोमवार, 12 सितंबर 2016


212            2122          2122        212     2 2
जख्म दिल पे लगे कितने दिखाना है बड़ा मुश्किल,
चेहरे का गिला वाजिव छुपाना है बड़ा मुश्किल।
अब शहर की फिजा बदली वफ़ा से दूर ही रहते,
गैर अब हो गये अपने बनाना है बड़ा मुश्किल।
पास रहता खफ़ा सा क्यों समझ कुछ भी नही आता,
उस हसीं ख़ास दिलबर को मनाना है बड़ा मुश्किल।
चैन से तान कर सोना नसीबो में न आशिक के,
इश्क की आग में मन को जलाना है बड़ा मुश्किल।
यार जो ख़ास हो अपना वही करता दग़ाबाजी,
चलन बदला जमाने का निभाना है बड़ा मुश्किल।



शनिवार, 10 सितंबर 2016

तेरे मेरे बीच यूं  फासला नही है,
मुझ में मिलने का हौसला नही है।
मैंने तुझे घर बुलाया होता लेकिन,
साफ मेरे मन का घोंसला नही है।
तेरे दम से ही मेरे दम में दम है,
कैसे कह दू तुझ से वास्ता नही है।
गिला शिकवा मैं करता हूं तुझसे,
तू मेरे बारे कभी भी सोचता नही है। 
रोक सकता गम को तुझ में ताकत,
पर गम को आने से रोकता नही है।
महफ़िल में लोग अब कहने लगे है,
रैना"काटता सिर्फ भौंकता नही है। रैना"

वैष्णो माँ की जय जय जय
वैष्णो माँ का बस कहना है,
मैं मैं से दूर ही रहना है,
सुख दुःख जीवन के पहलू,
हर गम को हंस के सहना है। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ। 

शुक्रवार, 9 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय
मेरी माँ हो तेरी किरपा तेरा प्यार मिल जाये,
मेरे बेकरार मन को माँ घड़ी करार मिला जाये,
अब तक तो कटी अपनी मेरी माँ सुर्ख वीराने में,
खिले माँ फूल मेरे मन का ऐसी बहार मिल जाये। रैना"
सुप्रभात जी --------------------------जय जय माँ 
नींद का स्वाद चखा नही करते,
दीवाने कभी थका नही करते। रैना"
2122              2122      2122       22
साफ मन को जो करेगा वो उसे पायेगा,
दोस्तों की महफ़िल में 
व्हाट्सएप्प पर मेरी आवाज में
94160 76914 

सच की गोली हजम न होती,
झूठ का चिंगम चबा रहे लोग,
गूंगे बहरे कुछ भी न बोले,
सिर्फ गर्दन हिला रहे लोग। 
महंगाई से तो बहुत दुखी हैं,,
बेबसी में वक्त बिता रहे लोग।
क्या खूब चल रही नूरा कुश्ती,
उठा खुद को ही गिरा रहे लोग। 
हंसता देख किसी को जलते,
अपने दिल को जला रहे लोग।
प्यासे माँ बाप पानी को तरसे,
वैसे सत्संग में जा रहे लोग। 
चम्मचा गिरी आसान रस्ता,
अब इसे ही अपना रहे लोग। 
जिसके हाथ में लाठी मोटी,
उसके पीछे ही जा रहे  लोग। 
नेता बदलेगा इस उम्मीद से, 
फिर वोट डालने जा रहे लोग। "रैना"
तेरी नजरों ने काम कर दिया, 
मेरा जीना ही हराम कर दिया।
हंस के मिला के फेर ली आंखे,
रस अंगूरी मेरे नाम कर दिया।
तेरी बावफा यादों की मस्ती,
मेरा मन बेआराम कर दिया।
नजरे कर्म है ये तेरी मेहरबानी,
गुमनाम सरेआम कर दिया।
ठोकरें खा कर सम्भले हम तो,
अब दूर से सलाम कर दिया।
ये सोच कर है दिल को तसल्ली, 
है नाम चाहे बदनाम कर दिया।
पैसे की बढ़ती सी भूख ने "रैना"
रिश्ते नाते को तमाम कर दिया।रैना"

गुरुवार, 8 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय
तेरी जय जय कार माँ जय जय कार,
मोहे बक्शो अपना प्यार तेरी जय जय कार। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 

बुधवार, 7 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय
तेरे दर के भिखारी माँ परेशां है,करो किरपा मंजिल मिल जाये,
अगर कर दे इशारा माँ मेरी फिर तो कली मुरझाई खिल जाये। रैना"
सुप्रभात जी ------------------------------------जय जय माँ 

सोये मन में आजादी की अलख जगाने का,
अब फिर वक्त आ गया है,
भारत माँ को मुक्त करवाने का.
बेशक गौरे अंग्रेजों को हमने भगा दिया है,
लेकिन काले अंग्रेजों ने माँ को बंदी बना लिया है,
काले अंग्रेजों से माँ को छुडवाने का.
अब फिर वक्त आ--------------------
छीना झपटी,लूट मार नंगा भ्रष्टाचार है,
द्रोपदी का चीर हरण होता बीच बाजार है,
दुशासन से द्रोपदी को बचाने का.
अब फिर वक्त आ---------------
मतलब के दरिया में सारे असूल बह गये,
भाषणों तक सीमित अब हमारे नेता रह गये,
ऐसे झूठे नेताओ को सबक सिखाने का.
अब फिर वक्त आ-----------------
माँ की आबरू पर कई वार हो गए,
देश के मसीहा ही गद्दार हो गये,
बेनकाब कर गद्दारों को भगाने का.
अब फिर वक्त आ--------------
रोती बिलखती माँ मेरी खड़ी की खड़ी रह गेई,
रामराज्य की कल्पना धरी की धरी रह गेई,
शहीदों के सपनों का देश बनाने का.
अब फिर वक्त आ -------------
उठो वीर जवानों भारत माँ की पुकार सुनो,
रंग लो बसंती चोला और आजादी की राह चुनो,
"रैना" अपने कदम पीछे नही हटाने का.
अब फिर वक्त आ---------------"रैना"

मंगलवार, 6 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय
कर्म तेरा अगर हो माँ  सुधर जायेगी जिंदगानी,
दूर तुझ से रहेगे हम तो यहां वहां होगी बदनामी,
माँ इनायत गर तेरी होगी तभी तो बहार आयेगी,
वर्ना रोयें पछताये बरसे  छम छम आँखों से पानी।रैना"
सुप्रभात जी -----------------------------जय जय माँ 

दोस्तों आप के लिए 
2 1   2      212    2 1  2   2 1  2  1 2 
वाह दिल लूटने की अदा बाकमाल है,
सच हंसी फूटने की अदा बाकमाल है।
यूं खुदा ने बनाया बड़े प्यार से तुझे,
 खोजने सोचने की अदा बाकमाल है।
काश तुझको कभी ख्याल आये भला मिरा,
ये तिरी भूलने की अदा बाकमाल है।  
बज्म से हम उठे हैं कही और जा बसे,
तार पर जोड़ने की अदा बाकमाल है।
रैन"कटती नही दिल परेशान है मिरा, 
यूं तेरी रूठने की अदा बाकमाल है।  रैना"

सोमवार, 5 सितंबर 2016

मेरा दोस्त पूछ रहा है???
आप को कवि सम्मेलन में क्यों नही बुलाया जाता,
मेरा जवाब है जी ?????
हमसे सिर ज्यादा नही झुकाया जाता,
पूंछ को बेवजह ही नही हिलाया जाता।
मां सरस्वती के सेवक रचना पढ़ सकते हैं,
हम पैसे के लिए जी हजूरी न कर सकते हैं।
हमसे किसी बॉस को मख्खन लगाया जाता नही,
खुद को किसी गिरोह का सदस्य बनाया जाता नही।  
इसलिए हमने दोस्तों को श्रोता बना लिया है,
फेसबुक पर ही कवि मंच सजा लिया है। 
निसंदेह दोस्तों ने पूरा अरमान कर दिया है,
इक अदना से इंसान को महान कर दिया है। "रैना"    

रविवार, 4 सितंबर 2016

इक इबादत ऐसे भी की जा सकती है,
रोते को हंसना,
गिरते को उठाना,
मिटते को बचाना,
सोते को जगाना,
उससे दिल लगाना,
खुद को खुद तपाना,
पीछे मैं हटाना,
तू तू को बुलाना।
जीने का बहाना। रैना"@
94160 76914 

शनिवार, 3 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
वैष्णो माँ का इशारा होता है,
चाहू और तब नजारा होता है,
वैष्णो माँ की रहमत बरस रही,
तभी रैना"का गुजारा होता है। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ 

है दर्द दिल में दवा देते नही,
अपने मेरे भी दुआ देते नही,
किस्मत मेरी खूब ही मस्ती करे,
हिलते पत्ते भी हवा देते नही। रैना"
@94160 76914


शुक्रवार, 2 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
वैष्णो माँ का जो भक्त प्यारा है,
सारे जग से वो अलग न्यारा है,
उसके मन में वैष्णो माँ रहती,
दीन दुखियों का वो सहारा है। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 
टूटे दिल का इलाज ढूंढते,
हम कुछ वैसा अंदाज ढूंढते।
हो बस्ती का मिजाज कुछ अलग,
हम ऐसा ही रिवाज़ ढूंढते। रैना"
दोस्तों ग़ज़ल पढ़े और सीखे 
2   2    2  2 2   2 2  2 
मन के बंद दरवाजें खोले,
जब भी बोले हंस के बोले।
टीकाटिपणी करनी हो तो,
पहले परखे खुद को तोले।
तन मन को रंगना ही होगा,
चाहे जिसके पीछे हो ले। 
तेरी बस्ती में सब उल्टा,
अच्छा होगा अब हम सो ले। 
चिन्ता कल की कर ले रैना"
मस्ती में हरगिज मत डोले। रैना" 
मन के बंद दरवाजें खोले,
जब भी बोले हंस के बोले।
टीकाटिपणी करनी हो तो,
पहले परखे खुद को तोले।
तन मन को रंगना ही होगा,
चाहे जिसके पीछे हो ले,
चिन्ता कल की कर ले रैना"
मस्ती में हरगिज मत डोले। रैना"