बुधवार, 29 अप्रैल 2015

आज बड़ी मुश्किल घड़ी है,
मुझ पे विपदा आन पड़ी है,
जिन पे था विश्वास भरोसा,
वो ही मुझको दे रहे धोखा।
मझदार से मुझको निकालो माँ,
सम्भालो माँ सम्भालो माँ,
जो आफत आई उसे टालो माँ।
सम्भालो माँ ----------------
रो रो कर जो दुखड़े सुनाते,
आज वो ही आँखें हैं दिखाते,
अब उनसे मुझको बचा लो माँ,
सम्भालो माँ ---------रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ


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