sufi tadka
शुक्रवार, 24 अप्रैल 2015
तेरे दर्शन की अभिलाषा माँ,
मनवा मोरा अति प्यासा माँ
फुरसत अब निकाल के माता मेरे घर भी आ जाओ,
करदो रहमत की वर्षा माँ जीवन सफल बना जाओ।
आ जाओ माँ आ जाओ,जीवन सफल बना जाओ।
आ जाओ माँ------------------------रैना
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ
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