वो चाहे तो हर सूरते हाल तस्वीर बदल देता,
रंग ढंग बदल देता लिखी तहरीर बदल देता,
क्या जिक्र करे उसका हर अंदाज निराला है,
कर्म करदे सनम मेरा तो तकदीर बदल देता। रैना"
किसी की इन्तजारी में न बेजा वक़्त बिताना तुम,
दिल को थाम के रखना हवा में न किले बनाना तुम,
पत्थर दिल लोग यहां रहते कद्र न इश्क मुहब्बत की,
वरना ताउम्र ही तड़फे न इश्क का रोग लगाना तुम।रैना"
कुछ ऐसा हाल जवानी में मन मचला सा रहता है,
समझ कुछ भी नही आती दरिया किस ओर बहता है ,
मस्ती इन आंखों की देखो बहकी बहकी सी दीवानी,
खता बार बार हैं करती बेचारा दिल दर्द सहता है। रैना"
दीदार गर करना हो मेरा दिल में झांक लेना तुम,
तेरे दिल के कोने में बैठे तेरा ही हम नाम लेते है। रैना"