गुरुवार, 30 अप्रैल 2015

मैं तन्हा नही इस शहर में,
कम किसी के ज्यादा सब के दिल में दर्द है। रैना" 


अब यहां के लोग टूटे पत्तों के जैसे,
हवा के साथ साथ उड़ने लगते हैं,
कायम नही रहते अपनी जुबान पे,
मौसम के जैसे रंग बदलने लगते हैं। रैना"
जिसके दम से दुनिया सारी,
ममता प्रेम की भरी पिटारी,
कहने को तो प्रथम है महिला,
फिर भी नारी गम की मारी।
हाथ फैलाये खड़ी बेचारी। रैना"

तलब लगी माँ तलब लगी,
तेरे दर्शन की तलब लगी,
तलब लगी माँ ऐसी लगी,
बिलकुल ध्यानू के जैसे लगी।
तलब लगी माँ तलब,
दे दे दर्शन माँ मुझको अभी।
तलब लगी माँ ---------रैना"


इधर उधर न भागा करो,
अपने अन्दर खोजा करो।
यहां वहां फिर दुःख पाओगे,
सदा बुरे कर्मों से तौबा करो।


नारी बेचारी,गम की मारी,
कहने को है आधी आबादी,
होने लगी अब कमी भारी। 
अपने प्यारे दोस्तों की शान में

वफ़ा तो नाम है मेरा मेहनत मेरी दौलत है,
गम को हंस के सहना अपनी पुरानी आदत है,
कुछ पाने के लिये रैना"कुछ खोना भी पड़ता है,
राह पड़ी किसी को कभी न मिलती शौहरत है। रैना"


बेशक हमें दूर है जाना,
रास्ता बहुत मुश्किल है,
किसी को
मेरी बातों पे सिर्फ यक़ीं करना सोचने की जरूरत नही है,
बात कह कर पलट जाये रैना"ऐसी तो कोई सूरत नही है। रैना"




बुधवार, 29 अप्रैल 2015

आज बड़ी मुश्किल घड़ी है,
मुझ पे विपदा आन पड़ी है,
जिन पे था विश्वास भरोसा,
वो ही मुझको दे रहे धोखा।
मझदार से मुझको निकालो माँ,
सम्भालो माँ सम्भालो माँ,
जो आफत आई उसे टालो माँ।
सम्भालो माँ ----------------
रो रो कर जो दुखड़े सुनाते,
आज वो ही आँखें हैं दिखाते,
अब उनसे मुझको बचा लो माँ,
सम्भालो माँ ---------रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ


मंगलवार, 28 अप्रैल 2015

खाली तस्वीर में उल्फ़त का रंग भरना है,
इरादा ये हम को सौदा -ए -दिल करना है
पर किरायेदारों पे न विश्वास है मुझे,
घर के असली मालिक की तलाश है मुझे।
जामे इश्क पीने की हसरत हुई जवान,
दीदारे यार की तलब प्यास है मुझे।
इस मर्ज की दवा तबीबो मुझे बता,
हल्का हल्का दिल में दर्द खास है मुझे।
छोड़ दिया मैंने अब उसको भी ढूंढना,
वो मेरे दिल में रहता एहसास है मुझे।
रैना"तैयार हो जा अब अपने घर चले,
बेवफा जिन्दगी न आई रास है मुझे। रैना"
दिल में उठने लगा है दर्द बाकमाल,
लगने लगा है मौसम सर्द बाकमाल,
जो कभी बने थे दुश्मन मेरी जां के ,
बन गये अब देखो हमदर्द बाकमाल।
छुपा छुपा के रखे थे खत जहां पुराने,
उन फाइलों पे जमी है गर्द बाकमाल।
मेरे नाम लिखी थी उसने जिंदगानी,
मैंने सम्भाले रखी वो फर्द बाकमाल।
अब गिरगट के जैसे रंग बदली करते,
देंगे फरेब धोखा जो नामर्द बाकमाल। । रैना"
तूने जहाँ को बेहतर ढंग से है सजाया माता,
हर गुलशन को फूलों से है महकाया माता,
हर किसी की तूने ख़ुशी से झोली भर दी माँ,
पर मेरे हिस्से में गम ही गम आया माता। 
क्या खता हुई है मुझसे कुछ तो बता मेरी माँ,
कैसे कटेगी मेरी पीरा जरा समझा मेरी माँ।
मेरी माँ -----जरा समझा मेरी माँ ------
चारो तरफ है छाया अन्धेरा,
साथ छोड़ गया साया भी मेरा,
मेरे सोते हुए मुकद्दर को अब तो जगा मेरी माँ,
मेरी माँ -----मेरी माँ -----जरा समझा ----रैना"
दिल में उठने लगा है दर्द बाकमाल,
लगने लगा है मौसम सर्द बाकमाल,
जो कभी बने थे मेरी जां के दुश्मन,
बन गये अब देखो हमदर्द बाकमाल।
छुपा छुपा के रखे थे खत जहां पुराने,
उन फाइलों पे जमी है गर्द बाकमाल।
मेरे नाम लिखी थी उसने जिंदगानी,
मैंने सम्भाले रखी वो फर्द बाकमाल।
अब गिरगट के जैसे रंग बदली करते,
देंगे फरेब धोखा जो नामर्द बाकमाल। । रैना"

खाली तस्वीर में उल्फ़त का रंग भरना है,
इरादा ये हम को सौदा -ए -दिल करना है
पर किरायेदारों पे न विश्वास है मुझे,
असली घर वाले की तलाश है मुझे।
अब जामे इश्क पीने की हसरत है मेरी,
मुद्दत से लगी जोर की प्यास है मुझे।
इस मर्ज की दवा तबीबो मुझे बता,
हल्का हल्का दिल में दर्द खास है मुझे।
छोड़ दिया मैंने अब उसको ही ढूंढना,
वो मेरे दिल में रहता एहसास है मुझे।
रैना"तैयार हो जा अब अपने घर चले,
बेवफा जिन्दगी न आई रास है मुझे। रैना"

सोमवार, 27 अप्रैल 2015

दिल को खाली करने का क्या लो गे,
कितने दिन में कब्जा हटा लो गे।
यादों से भरे बक्से रखे हैं कोने में,
कितनी जल्दी इन्हें उठा लो गे।
हम को बनी रहेगी तेरी चिन्ता ,
मेरे बिन क्या तुम निभा लो गे। 
देख जमाने को तुम भी बदले,
खुद को जमाने से क्या बचा लो गे।
अपनी तो शाम ढली हो चली रैना"
तुम कहीं ओर दिल लगा लो गे। रैना"
 हम हैं सीपियां  इकठ्ठी करने वाले,
लफ्जों के मोती तो आप चुनते हैं। रैना"
क्यों होता हैरान,तू दुःखी परेशान,
कर माँ का ध्यान,हो जाये कल्याण।
माँ वैष्णो महारानी कल्याण करेगी,
दर आ के तो देख तेरा ध्यान करेगी।
ध्यान करे गी  माँ ---------------
ध्यानू ने जब माँ का ध्यान लगाया था,
हाथ जोड़ दुखड़ा जो माँ को सुनाया था,
माँ ने देर न लगाई,फिर दौड़ी दौड़ी आई,
रैना"ऐसे ही तेरा सम्मान करेगी।
ध्यान करेगी माँ -------------रैना"
सुप्रभात जी ---------------जय जय माँ

खुद के आगोश में सिमट के रहना,
गम हमदर्द अपना हंस के ही सहना,
देखना परखना तब ही अमल करना,
मतलब को लोगों ने कुछ भी कहना। रैना" 

वो खफा है उनको मनाये कैसे,
हाले दिल अपना सुनाये कैसे,
हम सूफी इबादत ही कर सकते,
हम ये राज उनको बताये कैसे। रैना"
शीशे को पत्थर से बचाया जा नही सकता,
पत्थर को तो शीशा बनाया जा नही सकता,
सोते को तो जगाना बहुत ही आसान यारों,
लेकिन जगाते को जगाया जा नही सकता। रैना"


मोहब्बत का ये फूल बामुश्किल ही खिला करता,
बिछुड़ने वाला तो रैना"किस्मत से मिला करता,
तुझको भी वही मिला जो तेरा मुकद्दर नसीब है,
तू फिर किसलिये इस जमाने से गिला करता। रैना" 
दिल का घर खाली करो तो क्या लो गे,
कितने दिन में तुम कब्जा हटा लो गे।
यादों से भरे बक्से रखे हैं इक कोने में,
कितनी जल्दी वो यहां से उठा लो गे।
हम को हरपल रहेगी तेरी ही चिन्ता ,
मेरे बिना क्या तुम काम चला लो गे। 
देख जमाने को तूने बदल लिये तेवर,
खुद को जमाने से क्या बचा लो गे।
अपनी शाम ढल जाये हो काली रैना"
तुम तो कहीं ओर दिल मिला लो गे। रैना"

रविवार, 26 अप्रैल 2015

दोस्तों सुनो  प्यारा सा गीत,उससे लगाओ प्रीत 
वो कौन सा बनाये बहाना
आसान हो जाये मिल पाना। 
तुझे दिल का दर्द सुनाना,
आसान हो जाये मिल पाना। 
वो कौन सा ---------------
ख्यालों में ढूंढा तुझे ढूंढा ख्वाबों में,
भवनों में ढूंढा तुझे ढूंढा किताबों में,
हमको मिला नही तेरा ठिकाना। 
आसान हो जाये मिल जाना। 
वो कौन सा -----------------
ये तो खबर हमें तेरे ही नजारें हैं,
तू है शंहशाह गुलाम हम सारे है ,
तूने ही चक्कर है चलाना। 
आसान हो जाये मिल पाना। 
वो कौन सा -------------
रहता तू साथ मेरे मुझे एहसास है,
दूर कर दे ये जो जन्मों की प्यास है ,
खत्म हो जाये आना जाना। 
आसान हो जाये मिल पाना। 
वो कौन सा -------------रैना"
दर्शन कर ले माँ के दर्शन कर ले,
खूब सजा दरबार माँ के दर्शन,
सच मिलेगा प्यार माँ के दर्शन कर ले।
 दर्शन कर ले माँ के दर्शन -------------
भवन में सरस्वती काली लक्ष्मी का डेरा है,
दर्शन से दूर होता मन का अन्धेरा है,
होगा जन्म सुधार माँ के दर्शन कर ले,
दर्शन कर ले माँ के दर्शन -----------रैना"
सुप्रभात जी ---------जय जय माँ


हमने तो कई बार तेरी नजर उतारी है,
तुम्हे यकीन नही ये गल्ती तुम्हारी है,
हम तो फ़िदा है तुझ पे दिलो जान से,
नाम तेरे कर दी अपनी उम्र सारी है। रैना"

तुम किरण हो उजाला तुम्हारी फितरत है,
कुछ भी कह देना ये जमाने की आदत है,
अपनी रौशनी से नहला दो सारे आलम को,
चलती रहे कलम तुम्हारी ये भी इबादत है। रैना"
122-122-122-122
नही है बहाना न कोई ठिकाना,
दुखी है मुसाफिर कहीं दूर जाना।
सहारा न कोई प्यारा न कोई,  
सुनेगा न कोई तिरा ये तराना। रैना"



जब मेरी तुझसे मिली नजर,
मुझको अपनी रही न खबर.
मैं तो वैसे ही भटक रहा हूं,
रैना"मेरे दिल में तेरा है घर."रैना"



तेरी आंखों से छलके जाम,
खोले जुल्फें ढल जाये शाम,
गुलफिशां के जो हैं दीवाने,
रैना"उनका तो काम तमाम। रैना"

सोये मन में आजादी की अलख जगाने का,
अब फिर वक्त आ गया है,
भारत माँ को आजाद करवाने का.
बेशक गौरे अंग्रेजों को हमने भगा दिया,
मगर काले अंग्रेजों ने माँ को बंदी बना लिया.
काले अंग्रेजों से माँ को छुडवाने का.
अब फिर वक्त आ--------------------
छीना झपटी,लूट मार नंगा भ्रष्टाचार है,
द्रोपदी का चीर हरण होता बीच बाजार है,
दुशासन से द्रोपदी को बचाने का.
अब फिर वक्त आ---------------
मतलब के दरिया में सारे असूल बह गये,
भाषणों तक सीमित अब हमारे नेता रह गये,
ऐसे झूठे नेताओ को सबक सिखाने का.
अब फिर वक्त आ-----------------
माँ की आबरू पर कई वार हो गए,
देश के मसीहा ही गद्दार हो गये,
बेनकाब कर गद्दारों को भगाने का.
अब फिर वक्त आ--------------
रोती बिलखती माँ मेरी खड़ी की खड़ी रह गेई,
रामराज्य की कल्पना धरी की धरी रह गेई,
शहीदों के सपनों का देश बनाने का.
अब फिर वक्त आ -------------
उठो वीर जवानों भारत माँ की पुकार सुनो,
रंग लो बसंती चोला और आजादी की राह चुनो,
"रैना" अपने कदम पीछे नही हटाने का.
अब फिर वक्त आ---------------"रैना"



तुझे क्या इतनी खबर है,
मिरा तू लख्ते जिगर है,
मैंने तो ये जान लिया,
मिरे दिल में तेरा घर है। रैना"
मैं तो काली रैन हूं मेरा तू ज़िकर  न कर,
तेरा तू ख्याल कर मेरा यूं फ़िकर न कर। 
मैं तो काली -----------------
तन्हाई से अपना वास्ता गम मेरा नसीब है,
बात अधूरी ही रही मुकद्दर मेरा अजीब है,
रौशनी कहीं ओर है मेरी तरफ नज़र न कर। 
मैं तो काली -----------------
 मिलने का बहाना बनाये कैसे,
हाले दिल उनको सुनाये कैसे,
कभी सोचते बता दे उन्हें हम,
पर फूल को फूल थमाये कैसे। रैना"


शमा खुद तो पिगलने का मजा लेती है,
लेकिन परवानों को जलने की सजा  देती है। रैना"

मेरा पता तो बड़ा ही आसान है,
उजड़ी बस्ती टूटा सा मकान है।
घर के आँगन में जख्मों के ढेर हैं,
ओर फालतू न कोई सामान है।
गल्ती से आंखें चार कर ली थी,
घर छोड़ कर न गया मेहमान है।
गर मैं दुखी हूं कोई बात नही है,
साथ मेरे भी रहता भगवान है।
टूटे अरमानों की अर्थी सजी है,
हर घड़ी मन में उठता तूफान है।
जिंदगी ओ मौत का होता मिलन,
उसका जारी न हुआ फरमान है।
रैना"उसकी ही कटेगी मजे से,
जिसको हरपल उसका ध्यान है। रैना"

टूटे हुये दीये को जलाया आप ने,
बहुत ख़ुशी हुई जो बुलाया आप ने। रैना"

शनिवार, 25 अप्रैल 2015

वो चाहे तो हर सूरते हाल तस्वीर बदल देता,
रंग ढंग बदल देता लिखी तहरीर बदल देता,
क्या जिक्र करे उसका हर अंदाज निराला है,
कर्म करदे सनम मेरा तो तकदीर बदल देता। रैना"

किसी की इन्तजारी में न बेजा वक़्त बिताना तुम,
दिल को थाम के रखना हवा में न किले बनाना तुम,
पत्थर दिल लोग यहां रहते कद्र न इश्क मुहब्बत की,
वरना ताउम्र ही तड़फे न  इश्क का रोग लगाना तुम।रैना"

कुछ ऐसा हाल जवानी में मन मचला सा रहता है,
समझ कुछ भी नही आती दरिया किस ओर बहता है ,
मस्ती इन आंखों की देखो बहकी बहकी सी दीवानी,
खता बार बार हैं करती बेचारा दिल दर्द सहता है। रैना"

दीदार गर करना हो मेरा दिल में झांक लेना तुम,
तेरे दिल के कोने में बैठे तेरा ही हम नाम लेते है। रैना"
हम हैं बच्चें तुम हो माता,
माता मेरी जगत विधाता,
माँ इतना भी फर्ज निभाया करो,
कभी दर्शन, कभी दर्शन अपने दिखाया करो,
माँ दर्शन अपने दिखाया करो,
माँ बच्चोें के घर भी आया करो। 
मेरी माँ मेरी माँ --------------
भोली भाली माँ सूरत तेरी तस्वीर अति मन भाती है,
सामने अब तो आ जाओ माँ तेरी याद सताती है,
माँ तेरी याद सताती है,
इधर उधर हम भटक रहे सीधे रास्ते चलाया करो,
माँ दर्शन अपने दिखाया करो। ----------रैना"
सुप्रभात जी ----------------जय जय माँ
इश्क मुहब्बत न आफ़त है,
फकत यार की इबादत है।
चिलमन हटा के रुबरू बैठे,
दीवाने की यही हसरत है।
सच बेचारा गुमनाम हुआ,
झूठ सरेआम की शौहरत है।
कच्चे सूत से हो गये रिश्ते,
सब का मकसद दौलत है।
रैना"फिर उलझे चक्करों में,
मुश्किल से मिली मोहलत है। रैना"
जैसे जैसे हसीन शाम ढलती जाये,
पी से मिलने की तलब बढ़ती जाये।
गर साजन से न करी हो चार आंखे,
होने लगे चिंता जब सांसें घटती जाये।रैना"



शुक्रवार, 24 अप्रैल 2015


तेरे दर्शन की अभिलाषा माँ,
मनवा मोरा अति प्यासा माँ 
फुरसत अब निकाल के माता मेरे घर भी आ जाओ,
करदो रहमत की वर्षा माँ जीवन सफल बना जाओ। 
आ जाओ माँ आ जाओ,जीवन सफल बना जाओ। 
आ जाओ माँ------------------------रैना 
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ 
इश्क मुहब्बत न आफ़त है,
फकत यार की इबादत है।
चिलमन हटा के रुबरू बैठे,
दीवाने की यही हसरत है।

सच बेचारा गुमनाम हुआ,
झूठ सरेआम बड़ी शौहरत है।
कच्चे सूत से हो गये रिश्ते,
सब का मकसद सिर्फ दौलत है।
रैना"फिर उलझेगा चक्करों में,
मुश्किल से मिली मोहलत है। रैना"

रोती भारत माँ को चुप कराने वाला कोई नही,
जख्म देने वाले महरम लगाने वाला कोई नही।
नेता खद्दरदारी व्यापारी बनगे भरष्टाचार के,
मां को लुटने वाले सारे बचाने वाला कोई नही।
अपनी अपनी पड़ी सब को देश का कोई फ़िक्र नही,
भाषण दें वाले सब गरीबी हटाने वाला कोई नही।
पढ़ लिख कर भी युवा निरंतर आत्महत्या कर रहे,
जान तो उनकी बचे नौकरी दिलाने वाला कोई नही।
रैना"सच ये कहता बाड़ ही खेत को खा रही,
भगवान के सिवा भारत को बचाने वाला कोई नही। रा