sufi tadka
मंगलवार, 24 अप्रैल 2012
yu jaldi barbad
यू जल्दी बरबाद न होते,
पर आशिक आबाद न होते.
बेशक हो जाये सब हासिल.
फिर भी हम दिलशाद न होते....."रैना"
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