जीवन का नगमा बजता जायेगा,
हम न सही कोई और बजाये गा.
उसकी दुनिया तो खत्म न होती है,
एक जाये गा तो एक आ जायेगा..
उसके ही हिस्से में सुख के पल है,
जो उजड़े गुलशन को मह्कायेगा.
"रैना"इतना तो तय है निशचित भी,
गहरे में उतरे मोती पायेगा................"रैना"
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