sufi tadka
शुक्रवार, 6 अप्रैल 2012
nafart ke ghar pyar
दुनिया में अब प्यार न मिलता,
हमदम दोस्त यार न मिलता,
इस बस्ती सब कुछ मिलता है,
सिरफ़ यहां एतबार न मिलता..."रैना"
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