सोमवार, 30 अप्रैल 2012

sena ke

हमारी सेना के पास गोला बारूद की कमी है,
ये जान कर जनता की आँखों में काफी नमी है.
इसलिए हमारे नेताओ ने एक समिति बनाई है,
 फौजियों को बुलेट प्रूफ जैकेट नही देनी रजाई,
इधर हमारे नेता अब बातों के गोले छोड़े गे,
दुश्मन का मुहु बराबर पत्थर मार मार तोड़े गे,
वैसे भारत के नेता मस्ती से  रहते मौज में हैं,
खैर नेताओ का बेटा रिश्तेदार कोन सा फ़ौज में है.
अरेजिस देश का नेता सदन में खराटें मर सोता है,
मतलबपरस्त उस देश में कुछ ऐसा ही होता है......"रैना"

man mandir ko tu prani

मन मन्दिर को तू प्राणी,
 धो ले सौ सौ बार,
इस घर के मालिक से,
बन्दे कर ले सच्चा प्यार.
रे बन्दे कर ले ..........................
प्रीत की रीत भूला रस्में,
भूल गया वादे सारी कसमें,
झूठ के संग तूने प्रीत लगा ली,
सच किया है दरकिनार.
रे बन्दे कर ले.....................
पल भी तेरा मन न टिकता,
कोड़ी कोड़ी में है तू बिकता,
घड़ी में मासा घड़ी में तोला,
तेरा कोई न करे एतबार.
रे बन्दे कर ले................... :"रैना"
सुप्रभात जी ..............good morning ji

asli chehara

आशिक कहने को मोहब्बत करते,
बेशक रब की फकत इबादत करते,
"रैना"उनको तो मिल जाती मंजिल,
जो उसके बन्दों से उल्फत  करते......'"रैना"

tere khyal hmko

तेरे ख्याल हमें न सोने दे,    
हसने न दे हमको न रोने दे.
तुझको जुदा दिल से करे कैसे,
यादें कयामत ये न होने दे.........."रैना"

asar kam kisi pe jyadahia

गर इस कद्र न गम होते,
फिर तो हम ही हम होते.
जो तुम अपना कह देते,
 नैना न कभी नम होते.
गर होती रहमत तेरी,
बेवकत न बेदम होते.
"रैना"बैठा सोचे है,
काश करीब सनम होते....."रैना"

रविवार, 29 अप्रैल 2012

main raat bar taren

रात भर तो तोड़ता रहता सितारे,
पर सुबह तो टूट जाता है मिरा दिल......."रैना"

gam se trast

हाय माँ मेरे दिल इक कोने में होता है दर्द बहुत,
दर्द और  बढ़ जाता जब होता मौसम सर्द बहुत.

माँ दिल के कोने में होता दर्द बहुत,
दर्द बढ़े जब होता मौसम सर्द बहुत. 
सारी रात गुजरती आँखों में रोते,
मुखड़ा होता जाये पीला जर्द बहुत.
अब रहने के काबिल बस्ती न रही है,
हर घर में उड़ती नफरत की गर्द बहुत.
"रैना" मतलब की बातों पर गौर करे,
बुझदिल है बस्ती में रहते मर्द बहुत........"रैना"

sajan moh se ruthhe hai

एक और सूफी गीत,
दिल मेरा कही लगता नही 
साजन मोरे रूठे है,
छा गये है गम के बादल,
ख्वाब अरमान टूटे है.
साजन मोरे.........
उसके दम से ये जीवन,
पर न मस्त बहारें है,
रात चांदनी उदास हुई,
नजारें भी गम के मारे है, ,
साजन की बेरुखी का असर,
हम बन गे फरेबी झूठे है.
साजन मोरे रूठे................."रैना" 

मंगलवार, 24 अप्रैल 2012

ful tode khar

फूल तोड़े खार चुनता ही नही है,
बेवफा है दर्द सुनता ही नही है.
काश मुझको ये महाबत रास आती, 
क्या करे अब साज बजता ही नही है...."रैना"

tujhse milne ka koi

कैसे मिले उनसे बहाना ही नही,
उनको सुनाने को फसाना ही नही.
गर सच कहे तो बात बनती ही नही,
अब ये सही सच का जमाना ही नही....."रैना"

bhtke hai bhut

मेरा एक सूफी गीत
भटके है बहुत,
तड़फे है बहुत,
तेरा दीदार न हुआ,
तू खफा था हमसे,
किसी को प्यार न हुआ.
तेरा दीदार न .........
दीप जलाते रहे,
झोंके हवा के आते रहे,
हम जलाते रहे,
वो बुझाते रहे,
कोई मेरे गम में
शरीक सुमार न हुआ.
तेरा दीदार न ..........."रैना" 

isan ki fitrat dekh hairan n ho

इन्सान की तू देख फितरत मत परेशान हो,
वो रंग मौसम देख कर ही बदलता मतलबी...."रैना"

इन्सान की तो बेमिसाल अदा कमाल है,
वो देख मौसम रंग अक्सर बदल ले तभी...."रैना"

kamyab hone par apni

सफलता को मेहनत कहते,
आसफलता खेल किस्मत का......"रैना" 

jinko roti nsib nhi

 दीवार के तो कान होते है सुना था,
 दीवार तो अब बोलती भी है सही में...."रैना"
  

yu jaldi barbad

यू जल्दी बरबाद न होते,
पर आशिक आबाद न होते.
बेशक हो जाये सब हासिल.
फिर भी हम दिलशाद न होते....."रैना"

सोमवार, 23 अप्रैल 2012

shafar me ab brh rhe apradh hai


शहर में अब बढ़ रहे अपराध है,
चोर चोरी छोड़ बनगे साध है....."रैना"



mere dil ki hasrat hai

मेरे दिल की हसरत ये देश का सिपाहसिलार बनू,
जैसे खड़ा हिमालय पर्वत मैं वैसे ही पहरेदार बनू.
सूरज के भांति मैं सारे जग से अंधकार मिटाऊ,
फूल के जैसी महक हो मेरी सारी दुर्गन्ध दूर हटाऊ,
पढ़ लिख कर गुणवान बनू मैं ज्ञान का दीप जलाऊ,
देशा समाज में फैली नफरत को हर मन से मिटाऊ. 
ऐसी खुशिया सब में बांटू जैसी वर्षा रानी लाती है,
चारों तरफ छाये हरियाली डाल डाल महकाती है.
सारी दुनिया के मालिक तुम मेरी पूरी कर दो आस,
निश्चित ही हम कामयाब होगे हमे पूर्ण है विश्वास.........."रैना"

jiwan ka git to bjta jaye ga

जीवन का नगमा बजता जायेगा,
हम न सही कोई और बजाये गा.
उसकी दुनिया तो खत्म न होती है,
एक जाये गा तो एक आ जायेगा..
उसके ही हिस्से में सुख के पल है,
जो उजड़े गुलशन को मह्कायेगा.
"रैना"इतना तो तय है निशचित भी,
 गहरे में उतरे मोती पायेगा................"रैना"


रविवार, 22 अप्रैल 2012

nikla surj jlna hai

निकला सूरज तो ढलना है,
सबने ही इक दिन चलना है.
उसकी कुदरत वो ही जाने,
पत्थर में बच्चा पलना है.
मिटटी मिलती है मिटटी में,
दफनाना हो या जलना है.
तू जीवन सफल बना "रैना"
इस फिसलन में सम्भलना है......."रैना" 

bhukh kya hoti


है लोग तो बदले मगर उल्फत न बदली,
वीरान गुलशन की अदा फितरत न बदली.
बेशक किये हमने जतन प्रयास काफी,
बदला जमाना है मगर किस्मत न बदली,......."रैना"

bahut yad aata hai koi juda hone ke bad

जो रहता था दिल के घर में मालिक बनकर,
अब करता है बात किरायेदारों जैसी..........."रैना"

बुधवार, 18 अप्रैल 2012

jiwan ko hsin bnane ko

यूँ जो तुम राह दिखाते,
 हम तेरे घर आ जाते.
हिरन भटके कस्तूरी,को,
खुद को खुद न समझ पाते
गर तेरी रहमत होती,
फिर तो हम भी मुस्काते.
है इस कद्र समझदारी,
जीवन को नरक बनाते.
तू चलता चल मस्ती में,
गम के सूरज ढल जाते.
रैना" उसका क्या कहना,
बिन माँ  बच्चें पल जाते..........."रैना"

ab to har pal bechai

अब तो हर पल बेचैनी है,
गुजर गये वो दिन फुरसत के,
मतलब की सब बात करे है,
हाल बुरे है अब उल्फत के.
नेता अब खुदगर्ज हुये है,
जनता की फिकर न करते है,
दीवाने ये  शौक़ीन हुये,,
भूखे दौलत ओ खिदमत के.
रैना क्या क्या  बात करे अब,
सारा ही आवा बिगड़ गया,
अधिकारी साइन  न करे है,
बाबू  न करे बिन रिश्वत के........"रैना"


pani ne har hal

मेरी एक खास ग़ज़ल दोस्तों के लिए पेशे खिदमत है.

तारे ने टूट फना होना,
पानी हर हाल रवा होना.
सब जाने जाना निश्चित है,
फिर भी चाहे न विदा होना.
ऐसे मत मेरा दिल तोड़ो,
दिल से ये दुःख न जुदा होना.
मौसम जैसे बदले फितरत,
चाहे इन्सान खुदा होना.
"रैना"लम्बी काली होगी,
मुश्किल ही फर्ज अदा होना......"रैना"

सोमवार, 16 अप्रैल 2012

maa ambe sheron wali

जय माता की
माँ अम्बे शेरों वाली, करो खास मेहरबानी,
तेरी भक्ति में माँ गुजरे, मेरी सारी जिंदगानी.
तेरी भक्ति में ......................
माँ आदि शक्ति मइया,तुने जग को महकाया,
चाँद सूरज तेरी किरपा, तारों से अर्श सजाया,
माँ तेरी ही रहमत से, आग धरती हवा ओ पानी.
तेरी भक्ति में..................................
तेरे दम से जीव जन्तू,हर शै में नूर है तेरा,
तू चाहे तो दिन निकले,वरना है गुप अँधेरा,
तुने ऐसी रची है लीला,ये दुनिया आनी जानी.
तेरी भक्ति में.........................
मेरी खता तो ये है, पहले दर न तेरे आया,
इस मतलबी जहाँ ने, पागल है मुझे बनाया,
अब आई समझ में रैना", मुझ से हुई नदानी.
तेरी भक्ति में................................................."रैना"
सुप्रभात जी ...............jai mata di

रविवार, 15 अप्रैल 2012

bhagwan jlwa tera dikha de

भगवन तेरा जलवा हमको दिखा दे,
डीसी एसपी न बनेगे बाबा हमें बना दे.
तप करने की अब कोई नही जरूरत,
धारा प्रवाह बस बोलना हमें सिखा दे.
आजकल के जोगी सर्व सुख है भोगी,
भगवन ऐसा भोग हमको भी खिला दे.
बेशक वस्त्रो की हम लाज न कभी रखे,
मगर भगवा वस्त्र हमको तू पहना दे.
माया से बाबा का कोई लेना देना नही,
बस पचास सौ करोड़ का जुगाड़ बना दे.
आजकल के साधू बड़े रसिया स्वादू,
हाथ जोड़ के  विनती हमें स्वाद चखा दे........."रैना"

mujhko grupo men

मुझको तो बेहिसाब ग्रुपों में शामिल करना खटक रहा है,
हर कोई फालतू सामान की तरह इधर उधर पटक रहा है.
मेरे बेकरार दिल का दर्द कोई समझ ही नही पा रहा देखो,
मासूम दिल का आइना यारो अब तो धीरे धीरे चटक रहा है......."रैना"

jmane se alg andaj

जमाने से अलग  अन्दाज रखते है,
लबों पे हम सजा के साज रखते है, 
कदम रखते धरा पे सर झुका रहता,
मगर है हौसला उम्मीद भी परवाज रखते है....."रैना"

शनिवार, 14 अप्रैल 2012


टूटे सपने भी सजाये जा सकते है,
उजड़े आशिया बसाये जा सकते है,
दिल में चाहत लगन लगी हो "रैना"
पत्थर पे फूल खिलाये जा सकते है....."रैना"

is jindgi ko behatar nam


इन हादसों से तो गिला न कभी डरे,
इस जिन्दगी को बेहतर साबित करे,......"रैना"


kismat kab bdle gi

बदकिस्मत पे रहमत तेरी,
किस्मत कब बदले गी मेरी,
रोशन दिन न नसीब हुआ है,
मेरे   हिस्से  शब   अन्धेरी.
दुःख सुख में तू मेरा साथी,
फिर क्यों तू करता है देरी
वैसे मैंने जान लिया है,
जीवन तो है रहमत तेरी."रैना"

शुक्रवार, 13 अप्रैल 2012

ambe maa ambe maa

मेरी माँ मेरी माँ मेरी माँ,
अम्बे माँ अम्बे माँ अम्बे माँ,
हम तड़फे बहुत,
हम तरसे  बहुत,
तेरी तलाश में माँ,
हम भटके बहुत, 
कही न मिली तेरी ममता की छावं 
मेरी माँ मेरी माँ ..............'रैना"

jyo sawan upje

ज्यों सावन उपजे झाड़ झंखाड़ा,
त्यों कल युग में है गुरु हजारा......."रैना"

बुधवार, 11 अप्रैल 2012

dil ki aawaj suni

दिल की आवाज सुनी,
 तो ये हाल हुआ है,
तन्हा बैठे रोते,
उनकी सूरत आँखों 

talbe intjar

मत पूछो कीमत प्यार की,,
ये वो नयामत है,
बाजार में नही मिलती....."रैना"

सोमवार, 9 अप्रैल 2012

maykash prereshan

रिन्द परेशां रूठा साकी,
कोई उम्मीद नही बाकी,
जीवन में कोई रंग नही,
बस सांसें है आती जाती..."रैना"
जो उस पे एतबार करे,
वो उससे ही प्यार करे,
फिकर करो छोड़ो सोना,
वरना जीवन भर रोना........."रैना"
सुप्रभात जी ................good morning

dil ke chhale

दिल के छाले गिनते फुरसत न मिली,
उसके घर जाते पर दावत न मिली.`
चार घड़ी जीने की कोशिश तो थी,
पर हमको दुनिया में उल्फत न मिली......"रैना"

din khan gujara is ka hisab raat ko hoga


मेरी मइया के दर्शन पाने को ,
पहले मैं को मिटाना पड़ता है.
दीन दुखिया गम के मारों को,
सीने से लगाना पड़ता है....."रैना"

रविवार, 8 अप्रैल 2012

hire ka wyapari dekho

हीरे का व्यापारी बेच रहा तेल है,
ये मेल तो बिलकुल ही बेमेल है,
पास होने के चाहे लाख कर दावे,
पहली ही जमात में हुआ फेल है..........."रैना"
सुप्रभात जी ...........good morning ji

शुक्रवार, 6 अप्रैल 2012

apne ahm se

अन्दाज बदला शान से रहने लगा,
इन्सान खुद को ही खुदा कहने लगा,
ये भी जमाने का चलन तो देखिये,
पुल के ऊपर से आब अब बहने लगा...."रैना"

bewajh lda nhi krte

उसको अपना यार हबीब बना,
उससे मिलने की तरकीब बना,
उसकी संगत तभी हासिल होगी,
उसको ही तकदीर नसीब बना........."रैना"

nafart ke ghar pyar

दुनिया में अब प्यार न मिलता,
हमदम दोस्त यार न मिलता,
इस बस्ती सब कुछ मिलता है,
सिरफ़ यहां एतबार न मिलता..."रैना"

गुरुवार, 5 अप्रैल 2012

khud se is kadar n

खुद से इस कदर न धोखा कर,
अपने बारे में सोचा कर.
सिर पर है एहसान किसी का,
अपने घर का भी मौका कर.
बात पते की लोग बुरा माने,
समझ किसी को मत टोका कर......."रैना"
सुप्रभात जी ............good morning ji


kya aur bcha

अब क्या और बचा कहने को
दिल ही काफी है रहने को..........."रैना"



beshak ye mera ghar

बेशक ये मेरा घर लगता,
फिर भी मुझको तो डर लगता ."रैना".



hamne khud ko jana nhi hai

हम खुद को जान नही पाये,

उनका हंसना न कयामत से कम है,
वो हँसते तो दिल पे आरी चलती,
इतना तो उनके दम से दम अपना,
उनकी सांसों से साँस हमारी चलती......"रैना"

मंगलवार, 3 अप्रैल 2012

loha lal surkh

लोहा लाल सुरख होता तपते तपते,
राम मिले मन की माला जपते जपते.
मन्जिल दूर सही फिर भी घबराना मत,
मिल जाती मन्जिल निरंतर चलते चलते.
जीवन का सूरज का ढलना तो तय है,
बेशक शाम ढले यारों ढलते ढलते................."रैना"

ik tu ruthha

इक तू रूठा ये जग रूठा,
लोग फरेबी कहते झूठा.
मेरी आशा आशा न रही,
टूटें अरमां  सपना टूटा.
कोई काम सिरे न चढ़े है,
ऐसा लगता भाग्य फूटा.
"रैना को तलब बहार मिले,
पतझड़ में है गुलशन सूखा......"रैना"



सोमवार, 2 अप्रैल 2012

uske didar ki talb

तलबे दीदार रहे हरपल,
दिल का दरवाजा खोल रखा........."रैना"


mai mastani

मैं मस्तानी,
हुई दीवानी,
सोवत सोवत जागी,
सजन जी तोरे संग अब लागी.
सजन जी तोरे................
भरी जवानी गौर न कीनी,
बलम नाम की मय न पीनी,
भूल के वादे कसमें सारी,
मोह माया पीछे भागी.
सजन जी तोरे................"रैना"



रविवार, 1 अप्रैल 2012

tum itni jaldi jaoge

दिल पे लगा जो जख्म भरता ही नही,
गर घाव भरता दाग मिटता ही नही.
सारे शहर में जिकर है तेरा मिरा,
उठता धुँआ अब सनम छिपता ही नही. "रैना"

lde hai naina

नैना लड़े है ये लड़ाई तो मिटानी ही पड़ेगी,
जो बात बढ़ जाये हमारे ही लिये मुश्किल खड़ी है.............."रैना"